

खेल समाज की संस्कृति और उसकी पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा
बीकानेर। पुष्करणा दिवस के उपलक्ष्य में सात दिवसीय आयोजन का समापन समारोह विजेताओं, खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों को प्रमाण-पत्र एवं मेडल प्रदत्त करते हुए आयोजित हुआ। समापन समारोह की अध्यक्षता कमल रंगा ने करते हुए कहा कि खेल और समाज का गहरा संबंध है। खेल न केवल शारीरिक गतिवधि का एक रूप है, बल्कि यह सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। रंगा ने आगे कहा कि ऐसे खेल सप्ताह के माध्यम से युवा शक्ति को सामाजिक मूल्यों का भी आभास होता है।
समारोह के मुख्य अतिथि डूंगर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. राजेन्द्र पुरोहित ने कहा कि खेल किसी देश या समुदाय के साथ-साथ किसी समाज की संस्कृति और उसकी पहचान का भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकता है। खेल और समाज एक दूसरे को प्रभावित करते हैं। खेल के माध्यम से समाज की प्रतिभाएँं स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को अंगीकार करती है। इस बार पुष्करणा दिवस समारोह खेल को समर्पित रहा। जिसके माध्यम से 10 से अधिक खेलों कि प्रतियोगिताएं आयोजित की गई। जिसके माध्यम से कई प्रतिभाएं सामने आई। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि लेखा अधिकारी शिवदत्त व्यास, समाजसेवी बी.एल. रंगा, राजेश रंगा आदि उपस्थित थे।
