

पहलगाम के शहीदों एवं बीकानेर के कीर्तिशेष साहित्यकारों की याद में कवि सम्मेलन
बीकानेर। पहलगाम में हुए आंतकी हमले में अपनी जान गंवाने वाले शहीदों एवं बीकानेर के कीर्तिशेष साहित्यकारों की याद में श्रद्धांजलि स्वरुप कवि सम्मेलन का आयोजन बीकानेर साहित्य समाज द्वारा महारानी सुदर्शन आर्ट गैलरी, नागरी भण्डार, में रखा गया। कवि सम्मेलन एवं मुशाएरे के समन्वयक बुनियाद ज़हीन एवं संयोजक क़ासिम बीकानेरी ने संयुक्त रूप से बताया कि कवि सम्मेलन एवं मुशाएरे के अध्यक्ष मंडल में शामिल वरिष्ठ साहित्यकार मालचंद तिवाड़ी, वरिष्ठ साहित्यकार कमल रंगा एवं वरिष्ठ शायर ज़ाकिर अदीब ने अपने कलाम एवं अपने उद्बोधन द्वारा पहलगाम के शहीदों एवं नगर के कीर्तिशेष साहित्यकारों को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
अध्यक्ष मंडल में शामिल वरिष्ठ साहित्यकार मालचंद तिवाड़ी ने कहा कि पहलगाम आंतकी हमले की जितनी निंदा की जाए वह कम है। नगर के साहित्यकारों ने आंतकी हमले में शहीद हुए निर्दोष भारतीय नागरिकों एवं नगर के कीर्तिशेष साहित्यकारों को याद करके एक साहित्यकार होने के फ़र्ज़ का ज़िम्मेदारी से निर्वहन किया है।
अध्यक्ष मंडल में शामिल वरिष्ठ कवि कथाकार कमल रंगा ने कहा कि आज के आयोजन में कवि सम्मेलन एवं मुशाएरे के रूप में नगर के रचनाकारों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से अपने ज़िंदा होने का सबूत पेश किया है। आज का आयोजन नगर की क़ौमी एकता की जड़ों को और अधिक मज़बूत करने में कामयाब होगा।
कवि सम्मेलन एवं मुशाएरे में जुगल किशोर पुरोहित,श्रीमती इंद्रा व्यास, गंगाविशन बिश्नोई ’ब्रह्मा’, इमदाद उल्लाह ’बासित’, सागर सिद्दीक़ी, विप्लव व्यास, बाबूलाल छंगाणी, तथा लीलाधर सोनी सहित अनेक रचनाकारों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से पहलगाम के शहीदों एवं नगर के कीर्तिशेष साहित्यकारों को ख़रिजे-अक़ीदत पेश की।
