

संक्रांति महोत्सव 14 को
बीकानेर। जैन श्वेताम्बर तपागच्छ के श्रुत भास्कर वर्तमान गच्छाधिपति विजय धर्मधुरंधर सूरीश्वरजी व माताजी महाराज अर्पण श्रीजी के सान्निध्य में शनिवार को कोचरों के चैक के पंच मंदिर में मंत्रोच्चारण के साथ ढाई घंटें तक अविरल जैन तीर्थंकरों की प्राचीन प्रतिमाओं का अभिषेक किया गया। जैनाचार्य गच्छाधिपति विजय धर्मधुरंधर सूरीश्वरजी, मुनि विजय धर्मकीर्ति व मुनि विजय धर्मबोद्धि महाराज ने अपने मुखारबिंद से मंत्रोच्चारण करवाते हुए बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने पूजा के वस्त्रों में पंचामृत से अभिषेक किया। अभिषेक दूध, दही, घी, केवड़ा व गुलाबजल, सात कुओं के जल का उपयोग किया गया। पंच मंदिर में भगवान ऋषभनाथजी, अजितनाथजी, भगवान पाश्र्वनाथ, भगवान विमलनाथ व भगवान शांतिनाथ के मंदिर में श्रावक-श्राविकाओं ने एक साथ अभिषेक किया। अभिषेक में स्थानीय श्रावक-श्राविकाओं के साथ पंजाब, हरियाणा व दिल्ली से आए बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने हिस्सा लिया। जैन कोचर परिवार की कुलदेवी के करीब साढ़े चार सौ वर्ष प्राचीन देवी विशला माता के मंदिर में पूजा व प्रसाद के लाभार्थी कोचर फ्रेंड्स क्लब है। फ्रेण्डस क्लब ने श्रावक-श्राविकाओं को करमीसर से बीकानेर छोड़ने के लिए वाहन की व्यवस्था की है।कोचर ने बताया कि 14 अप्रैल को कोचरों के चैक में सुबह सवा नौ बजे संक्रांति महोत्सव आयोजित किया जाएगा। महोत्सव में शामिल होने के लिए देश के विभिन्न प्रदेशों से श्रावक-श्राविकाओं के बीकानेर पहुंचने का सिलसिला शुक्रवार को ही शुरू हो गया।
