

गुरुदेव के प्रति अपनी आस्था को रखे स्थापित
बीकानेर। बोथरा भवन में दीक्षार्थी भाई कल्प का स्वागत उग्रविहारी तपोमूर्ति मुनिश्री कमल कुमार के सान्निध्य में आयोजित किया गया। मुनि कमल कुमार ने कहा कि मुनि शरीर को भले छोड़ें पर धर्म को न छोड़ें। हम सभी को अपने गुरुदेव के प्रति अपनी आस्था को स्थापित करते रहना चाहिए। आचार्य तुलसी महाप्रज्ञ डॉक्टर प्रायोगिक धर्माचार्य थे। वे प्रयोग के द्वारा रोग ठीक करते थे। स्वामी जी ने जो सिद्धांत दिये वे सिद्धांत ही हैं क्योंकि आज हम सब एक हैं। आचार्य श्री तुलसी एक सामाजज्ञ गुरु थे। कितने काम किए गए तेयुप, किशोर मंडल, महिला मंडल, कन्या मंडल आदि का निर्माण किया गया। दीक्षार्थी कल्प का स्वागत टेरापंथी न्यास के न्यासी जैन लुनकरन छाजेड़ ने टेरापंथी सभा के उपाध्यक्ष पवन छाजेड़ ने पंथका और साहित्य का स्वागत किया।
