

स्वप्रेरित होकर यातायात नियमों का पालन करें वाहन चालक : बागडे

बीकानेर। राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने कहा कि सड़कों पर बढ़ते वाहनों के अत्यधिक दवाब के कारण सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है। यह बेहद चिंताजनक है। इस पर प्रभावी नियंत्रण के लिए वाहन चालकों को स्वप्रेरित होकर यातायात नियमों की पालना करनी चाहिए। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने सोमवार को बीकानेर के राजस्थान पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के सभागार में इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी, पुलिस प्रशासन, परिवहन विभाग और ट्रोमा सेंटर द्वारा आयोजित सड़क सुरक्षा कार्यशाला के दौरान यह उद्गार व्यक्त किए।
बागडे ने कहा कि सड़क सुरक्षा जैसे संवेदनशील विषय पर यह पहल महत्वपूर्ण है। ऐसे कार्यक्रमों के जरिए आमजन को यातायात नियमों की पालना के मार्गदर्शन के साथ सड़क पर सुरक्षित यात्रा के लिए निरंतर जागरूक किया जाए।
राज्यपाल ने इस दौरान सड़क सुरक्षा क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली नौ प्रतिभाओं का सम्मान किया। राज्यपाल ने सड़क सुरक्षा पर आधारित पुस्तक ‘सड़क सुरक्षा की स्वर लहरिया’ का विमोचन किया। जिला कलेक्टर श्रीमती नम्रता वृष्णि ने आभार जताया। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक श्री कावेंद्र सागर और इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी के चेयरमैन राजेंद्र जोशी अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस दौरान राज्यपाल ने वाहन दुर्घटनाओं में घायलों का सहायता के लिए वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य मनोज दीक्षित, इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी के जिला वाइस चेयरमैन डॉ. तनवीर मालावत सहित अनेक लोग मौजूद रहे।
राज्यपाल ने इनका किया सम्मान
कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल बागडे ने क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी अनिल पांडिया, जनसंपर्क विभाग के उपनिदेशक हरि शंकर आचार्य, मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष ऑर्थोपेडिक्स विभाग डॉ बी. एल. खजोटिया, बीकानेर पुलिस के निरीक्षक नरेश निर्वाण, जिला क्षय रोग निवारण अधिकारी डॉ. सी.एस. मोदी, सेवानिवृत्त चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल कुमार वर्मा, बीएसएफ हेड कांस्टेबल व्हीकल मैकेनिक राजकुमार, श्रीगंगानगर यातायात पुलिस के कांस्टेबल श्री राकेश कुमार, सामाजिक कार्यकर्ता सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को चिकित्सा सेवा मुहैया करवाकर जीवन रक्षा करने के लिए श्री श्रीराम मंडा का स्मृति चिह्न और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
