

उदयपुर, अजमेर, बीकानेर और जोधपुर जिलों में 3-3 रेस्क्यू टीमें तैनात
बीकानेर/जयपुर। मानसून सत्र के दौरान राजस्थान में भारी बारिश और बाढ़ से उत्पन्न होने वाली किसी भी सम्भावित आपात स्थिति से निपटने के लिए राज्य आपदा प्रतिसाद बल(एसडीआरएफ) ने कमर कस ली है। प्रदेशवासियों की सुरक्षा और आपदा जोखिम को न्यूनतम करने के लिए आज 25 जून को एसडीआरएफ की सभी कंपनियों से गठित कुल 70 रेस्क्यू टीमों को आपदा राहत उपकरणों के साथ संभावित बाढ़ प्रभावित 35 जिलों के लिए रवाना किया गया है। जयपुर स्थित एसडीआरएफ कंट्रोल रूम से राज्य आपदा प्रतिसाद बल के कमान्डेंट राजेन्द्र सिंह सिसोदिया ने इन टीमों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जयपुर के अलावा अन्य जिलों में तैनात होने वाली रेस्क्यू टीमों को संबंधित कंपनी मुख्यालयों से कंपनी प्रभारियों द्वारा रवाना किया गया है। यह टीमें धरातल पर स्थानीय प्रशासन, पुलिस, चिकित्सा विभाग, सिविल डिफेंस और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर त्वरित राहत कार्य संपादित करेंगी।
बाढ़ राहत में एसडीआरएफ के ट्रैक रिकॉर्ड को साझा करते हुए कमान्डेंट ने बताया कि गत वर्ष मानसून के दौरान 21 जून, 2025 से 11 अक्टूबर, 2025 तक बल के जांबाजों ने राज्य में 333 सफल रेस्क्यू ऑपरेशन्स चलाकर 1,237 लोगों की जान बचाई थी। इस बार भी टीमों को रवाना करने से पूर्व सावधानीपूर्वक और एसओपी के अनुरूप रेस्क्यू ऑपरेशन संपादित करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसी प्रकार संभाग मुख्यालयों और बड़े जलीय क्षेत्रों वाले जिलों में भी विशेष नजर रखी जा रही है। इसके तहत उदयपुर, अजमेर, बीकानेर और जोधपुर जिलों में 3-3 रेस्क्यू टीमें तैनात की गई हैं। वहीं, जयपुर ग्रामीण, टोंक, भीलवाड़ा, बारां, झालावाड़, धौलपुर, करौली और सवाईमाधोपुर जैसे महत्वपूर्ण जिलों में 2-2 रेस्क्यू टीमों को तैनात कर सुरक्षा चक्र मजबूत किया गया है।
