

संस्कार निर्माण में गीता अति महत्वपूर्ण
बीकानेर। श्रीलालेश्वर महादेव मन्दिर, शिवमठ, शिवबाड़ी, बीकानेर के अधिष्ठाता स्वामी श्रीविमर्शानन्दगिरि जी महाराज के सान्निध्य में गीता ज्ञान लेख परीक्षा का आयोजन हुआ। परीक्षा का विषय चरित्र निर्माण में गीता का महत्व रखा गया था, जिसकी अधिकतम शब्द सीमा 2000 शब्द निर्धारित की गई है। इस परीक्षा में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को क्रमशः 2100, 1100 एवं 500 रुपये का नकद पुरस्कार, प्रशस्ति पत्र एवं संवित् साहित्य देकर सम्मानित किया जाएगा तथा पांच विद्यार्थियां प्रोत्साहन स्वरूप 250 रुपये नकद पुरस्कार, प्रशस्ति पत्र एवं संवित् साहित्य देकर सम्मानित किया जाएगा। मंदिर अधिष्ठाता पूज्य स्वामी श्रीविमर्शानन्दगिरि जी महाराज ने विद्यार्थियों को आशीवाद देते हुए कहा कि मानवता का अभ्युदय तथा इसी जन्म में भगवान् की प्राप्ति के लिए भगवान् श्रीकृष्ण ने अर्जुन से जो संवाद किया। अतः विद्यार्थी जीवन मंे गीता का महत्व अति-महत्वपूर्ण हो जाता है, क्योंकि यह संस्कार, संकल्प, अनुशासन, इच्छा शक्ति, ज्ञान शक्ति के साथ-साथ मन को एकाग्र करने हेतु अति महत्वपूर्ण है। विजेन्द्र सिंह भाटी ने बताया कि 24 दिसंबरगीता भाषण परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। जिसका विषय गीता और कर्मयोग रखा गया है। इस परीक्षा में प्रत्येक विद्यालय से अधिकतम दो विद्यार्थी ही आवेदन कर सकते हैं।
