

यूरिक एसिड को हाइपरटेंशन का बड़ा रिस्क फैक्टर
बीकानेर। एशिया पैसिफिक सोसाइटी ऑफ हाइपरटेंशन का तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन संपन्न हुआ जिसमें दुनिया भर के 18 देशों से लगभग 975 डेलीगेट्स और 78 प्रतिष्ठित वक्ताओं ने शिरकत की। इस वैश्विक मंच पर बीकानेर के डॉ. वीर बहादुर सिंह ने भी शिरकत की और यूरिक एसिड तथा उच्च रक्तचाप के बीच गहरे संबंध पर अपना महत्वपूर्ण व्याख्यान प्रस्तुत किया। डॉ. सिंह ने अपने व्याख्यान में बताया कि भारत में तेजी से बढ़ रहे हाइपरटेंशन के मरीजों में 30 से 42 प्रतिशत तक यूरिक एसिड का स्तर ऊंचा पाया जा रहा है और अब इसे उच्च रक्तचाप का एक स्वतंत्र जोखिम कारक माना जा रहा है। यदि इसका समय पर इलाज न हो तो हृदय रोग, किडनी फेलियर और गठिया जैसी गंभीर जटिलताएं उत्पन्न हो जाती हैं। खासकर जब मरीज को डायबिटीज और हृदय रोग दोनों साथ हों तो बढ़ा हुआ यूरिक एसिड जानलेवा साबित हो सकता है।
