

अंजन शलाका प्रतिष्ठा समारोह: रथ-शोभायात्रा कल
बीकानेर। खरतरगच्छाधिपति, आचार्यश्री श्री जिनमणिप्रभ सूरिश्वरजी महाराज, आदिठाणा व साध्वीवृंद के सान्निध्य में गंगाशहर के 177 वर्ष प्राचीन श्री सांवलिया पार्श्वनाथ जिनालय (गोल मंदिर में) चल रहे अंजन शलाका प्रतिष्ठा महोत्सव के तहत शनिवार को भव्य गाजे बाजे के साथ वरघोड़ा (रथ-शोभायात्रा) निकलेगा। महोत्सव के तहत शुक्रवार को अस्थाई तौर पर बनी वाराणसी नगरी (तेरापंथ भवन) में भगवान पार्श्वनाथ के जन्म से विवाह तक की लीला भक्ति संगीत, परमात्मा के आदर्शों के स्मरण, पारम्परिक व प्रचलित लोकगीतों के साथ हुई। करीब चार घंटें चली प्रस्तुति में मुंबई, सूरत के साथ बीकानेर के फौजराज बांठिया परिवार श्रावक-श्राविकाओं सहित करीब 151 पात्रों ने अपने किरदार को बखूबी निभाया। नूतन मंदिर में परमात्मा के 18 अभिषेक, ध्वजदंड व कलशादि अभिषेक हुए। मुंबई के संगीतकार श्री नरेन्द्र भाई वाणीगोता के निर्देशन में परमात्मा पार्श्वनाथ के जीवन आदर्शों को दिग्दर्शित करवाने वाली प्रस्तुति में कलाकारों की वेशभूषा, भाव भंगिमा प्रभावी थी। उपस्थित श्रावक श्राविकाओं ने स्थानीय भाषा में भगवान के जन्म, विवाह आदि प्रसंगों के दौरान गीत प्रस्तुत किए। शाम को मेहंदी सांझी कार्यक्रम में श्राविकाओं ने हाथों में मेहंदी रचाई तथा लोकगीत गाए। शनिवार को वरघोड़े के बाद तेरापंथ भवन में परमात्मा का भगवान पार्श्वनाथ का दीक्षा कल्याणक विधान होगा।
