

आचार्य महाप्रज्ञ का 106वां जन्मदिवस आयोजित
बीकानेर। आचार्य श्री महाप्रज्ञ जी का 106 वां जन्मदिवस उग्रविहारी कमल कुमार जी के सानिध्य में बोथरा भवन गंगाशहर में मनाया गया।
इस अवसर पर मुनि कमल कुमार ने अपने उद्बोधन में कहा कि बालक नथमल का भाग्योदय गंगाशहर में हुआ। उन्हें प्रतिक्रमण का आदेश गंगाशहर में मिला। मुनि नथमल को महाप्रज्ञ अलंकरण भी गंगाशहर में मिला। आचार्य श्री महाप्रज्ञ जी हजारों लोगों के जीवन निर्माता थे, भाग्य विधाता थे, आगमों के ज्ञाता थे, उनका व्यक्तित्व विराट था। श्रेयांस कुमार जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आचार्य श्री महाप्रज्ञ जी की करूणा, प्रज्ञा,एवं गुरु भक्ति पर लोगों का ध्यान आकृष्ट हुआ। मुनि श्रीश्रेयांश कुमार जी ने गीतिका के माध्यम से अपने भाव व्यक्त किए।
तेरापंथ न्यास के ट्रस्टी जैन लूणकरण छाजेड़ ने कहा कि तेरापंथ के इतिहास में आचार्य श्री महाप्रज्ञ का नाम स्वर्णाक्षरों से अंकित है। उन्होंने आगम सम्पादन , प्रेक्षा ध्यान , जीवन विज्ञान जैसे आयाम देकर समाज व मानव जाती का कल्याण किया। उन्होंने साहित्य सम्पदा से तेरापंथ ही नहीं सम्पूर्ण समाज को लाभान्वित किया।
