

मिलावटखोरों पर बड़ी कार्रवाई: 1.55 लाख किलो संदिग्ध खाद्य सामग्री सीज, 45 हजार किलो नष्ट
जयपुर/बीकानेर। प्रदेशवासियों को शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से संचालित ‘शुद्ध आहार-मिलावट पर वार’ अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग मिलावटखोरों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है। दीपावली विशेष अभियान के तहत 4 नवंबर तक प्रदेशभर में 1 लाख 55 हजार 980 किलो संदिग्ध खाद्य सामग्री सीज की गई है, जबकि 45 हजार 551 किलो से अधिक दूषित एवं अखाद्य सामग्री मौके पर नष्ट करवाई गई है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के निर्देश और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ के मार्गदर्शन में यह अभियान चलाया जा रहा है। खाद्य सुरक्षा आयुक्त अविचल चतुर्वेदी के निर्देशन में गठित विशेष जांच दलों ने 13 अक्टूबर से 4 नवंबर 2026 तक प्रदेशभर में 3,587 खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान 3,112 विधिक एवं 1,983 सर्विलांस सहित कुल 5,095 खाद्य नमूने जांच के लिए लिए गए। खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले 237 कारोबारियों को सुधार के लिए नोटिस जारी किए गए।
जयपुर में 34,795 किलो नकली घी जब्त
अभियान के दौरान जयपुर के रामपुर डाबड़ी स्थित हिमालया डेयरी प्रोडक्ट्स पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 34,795 किलो नकली देशी घी जब्त किया गया। जयपुर के विभिन्न प्रतिष्ठानों से कुल 64,727 किलो संदिग्ध घी, तेल, पेय पदार्थ एवं मसाले सीज किए गए तथा 527 किलो सामग्री नष्ट करवाई गई। जनता डेयरी से 500 किलो घटिया गुणवत्ता का पनीर पकड़ा गया। झोटवाड़ा स्थित कोल्ड स्टोरेज से 3,180 किलो खराब किशमिश नष्ट करवाई गई। वहीं, सीतापुरा के कोल्ड स्टोरेज से 1,400 किलो बिना लेबल वाले सड़े-गले बादाम और 1,018 किलो काली मिर्च सीज की गई।
श्रीगंगानगर में 1.30 करोड़ का संदिग्ध घी जब्त
श्रीगंगानगर में स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने दो बड़े गोदामों पर कार्रवाई कर 20,655 लीटर संदिग्ध देशी घी जब्त किया। इसकी अनुमानित कीमत करीब 1.30 करोड़ रुपये बताई गई है। मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। मौके से 3.50 लाख रुपये की बिक्री राशि और सप्लाई वाहन भी जब्त किया गया।
घी और खाद्य तेल पर विशेष निगरानी
अभियान के तहत उत्पादवार कार्रवाई में 67,684 किलो घी सीज किया गया तथा 292 किलो नष्ट करवाया गया। इसी प्रकार 24,326 किलो खाद्य तेल सीज और 9,683 किलो नष्ट किया गया। पेय पदार्थों के 19,200 किलो उत्पाद सीज किए गए तथा 1,778 किलो नष्ट करवाए गए।
इसके अलावा मावा, पनीर एवं दुग्ध उत्पादों के 7,197 किलो से अधिक उत्पाद नष्ट करवाए गए। मिठाइयों के 6,215 किलो, मसालों के 1,375 किलो, ड्राई फ्रूट्स के 855 किलो तथा नमकीन के 1,765 किलो उत्पाद भी नष्ट करवाए गए।
बीकानेर, अजमेर, डीग, अलवर, बाड़मेर, हनुमानगढ़, कोटा, टोंक, जोधपुर, दौसा, खैरथल-तिजारा, बूंदी, फलोदी, भरतपुर, धौलपुर, सीकर और चूरू सहित प्रदेश के अन्य जिलों में भी खाद्य सुरक्षा टीमों ने कार्रवाई की।
जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी कानूनी कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा आयुक्त अविचल चतुर्वेदी ने कहा कि प्रदेशवासियों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों को बख्शा नहीं जाएगा। अभियान के दौरान संग्रहित सभी 5,095 नमूनों को जांच के लिए राज्य केंद्रीय जन स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं में भेजा गया है। जांच रिपोर्ट में खाद्य सामग्री असुरक्षित, अमानक या गलत लेबल वाली पाए जाने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसमें आर्थिक दंड, लाइसेंस निरस्त करने और न्यायालय में परिवाद दायर करने जैसी कार्रवाई शामिल है।
