

मिलावटखोरी के खिलाफ अभियान
बीकानेर। मिलावटखोरी के खिलाफ सामाजिक कार्यकर्ता दमित गहलोत का अभियान जारी है। बीकानेर से दिल्ली तक करीब 700 किलोमीटर की पदयात्रा पूरी कर गहलोत दिल्ली पहुंचे और अब मिलावटखोरी के खिलाफ भूख हड़ताल पर बैठे हैं। शुक्रवार को उनके अनशन का नौवां दिन रहा। गहलोत ने 4 सितंबर को बीकानेर से दिल्ली के लिए पैदल मार्च शुरू किया था और लगभग 21 दिनों में 700 किलोमीटर की दूरी तय कर दिल्ली पहुंचे। दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचने के बाद उन्होंने अनशन शुरू किया। हालांकि, प्रशासन द्वारा दिल्ली के प्रमुख धरना स्थलों पर बैठने की अनुमति नहीं मिलने के कारण गहलोत अपने साथियों के साथ नोएडा के एक पार्क में अनशन जारी रखे हुए हैं। गहलोत का कहना है कि उनका मुख्य उद्देश्य देश के 140 करोड़ लोगों को खाद्य पदार्थों में मिलावट और कथित ‘फूड माफिया’ से मुक्त कराना है। उन्होंने कहा कि खाद्य एवं पेय पदार्थों में की जा रही मिलावट लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है और लंबे समय में गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है। गहलोत ने सरकार से मिलावटखोरों के खिलाफ कठोर दंड का प्रावधान करने तथा इसके लिए सख्त कानून बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि मिलावटखोरी जैसी गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए कानून का कड़ाई से पालन और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आवश्यक है। अभियान में हेमंत कुमार सैनी और यारिया लंगोटिया ग्रुप ने भी दमित गहलोत को समर्थन देते हुए आंदोलन में अपनी भागीदारी दर्ज कराई है।
