

व्यापार की कोई सीमा नहीं, मेहनत और ईमानदारी से सफलता संभव
बीकानेर। खेती अस्थाई हो सकती है और नौकरी की भी एक सीमा तय होती है, लेकिन व्यापार की कोई सीमा नहीं होती। घर से शुरू किए गए व्यापार को ऑनलाइन माध्यम से देश-विदेश तक पहुंचाया जा सकता है। इसके लिए ईमानदारी, मेहनत और लगन के साथ कार्य करना जरूरी है। यह विचार डीआईजी देवेन्द्र विश्नोई ने विश्नोई बिजनेस समिट के दौरान व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि समाज की ओर से आयोजित होने वाला विश्नोई ग्लोबल कन्वेंशन एवं एक्सपो एक सराहनीय पहल है। ऐसे आयोजनों से समाज के युवाओं और नए उद्यमियों को अपने उत्पाद एवं व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए बेहतर मंच मिलता है। उन्होंने युवाओं से पारंपरिक रोजगार के विकल्पों के साथ व्यवसाय और उद्यमिता के क्षेत्र में भी संभावनाएं तलाशने का आह्वान किया। राजाराम धारणिया ने कहा कि समाज के युवाओं को केवल सरकारी नौकरी तक सीमित रहने के बजाय व्यवसाय, उद्योग और उद्यमिता के क्षेत्र में भी आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवा अपनी प्रतिभा, कौशल एवं नवाचार के माध्यम से रोजगार पाने वाले बनने के साथ रोजगार देने वाले भी बन सकते हैं। समिट के दौरान व्यवसाय एवं उद्यमिता से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई तथा युवाओं को व्यापार के नए अवसरों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि जयपाल ज्याणी, संत भागीरथ शास्त्री, रामप्रताप गोदारा, जीवनराम गोदारा, गंगाराम धारणिया, बिहारी लाल विश्नोई, डॉ. पूजा विश्नोई, भंवरलाल विश्नाई, रामसुख धायल, सुनील मांझू, आरएएस रचना विश्नोई, डॉ. अशोक धारणिया, ओमप्रकाश खींचड़, रामजस भादू एवं भव्यराज धारणिया सहित समाज के अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।
