

चार मुमुक्षुओं ने ग्रहण की भागवती दीक्षा, बने मुनि एवं साध्वीश्री
बीकानेर। आचार्य रामलालजी म.सा. एवं उपाध्याय प्रवर राजेश मुनि म.सा. के सान्निध्य में सेवा सदन में आयोजित दीक्षा समारोह में चार मुमुक्षुओं ने भागवती दीक्षा ग्रहण की। दीक्षा महोत्सव के दौरान गुरु भक्ति एवं वैराग्य चेतना के गीतों तथा जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। सुरेन्द्र दस्साणी एवं कन्हैयालाल बैद ने बताया कि नवरतन कोठारी ने नवदीक्षित रामनव मुनि, मुमुक्षु शुभम श्रीश्रीमाल ने राम शुभममुनि, गातापार/घमतरी की मुमुक्षु काजल नाहर ने नवदीक्षिता साध्वी रामकजम श्री तथा गंगाशहर निवासी एवं सूरत प्रवासी दिया सुराणा ने नवदीक्षिता साध्वीश्री राम दिव्यम् श्रीजी के रूप में दीक्षा ग्रहण की। उन्होंने बताया कि आचार्यश्री के युवाचार्य बनने के बाद अब तक 494 दीक्षाएं प्रदान की जा चुकी हैं। सुरेश बच्छावत ने बताया कि वर्तमान आचार्य रामलालजी म.सा. ने वर्ष 2001 में अक्षय तृतीया के अवसर पर एक साथ 11 मुमुक्षुओं को दीक्षा प्रदान की थी। अमित गोलछा ने बताया कि दीक्षा महोत्सव में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए करीब तीन हजार श्रावक-श्राविकाएं तथा मुनि एवं साध्वीवृंद उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने गुरु भक्ति और वैराग्य चेतना से ओतप्रोत गीत प्रस्तुत किए तथा जयकारों के साथ नवदीक्षित मुनि एवं साध्वीश्री का अभिनंदन किया। कन्हैयालाल बैद ने बताया कि नवदीक्षित मुनि एवं साध्वीश्री के सम्मान में अनेक श्रावक-श्राविकाओं ने उपवास, एकासना, आयम्बिल, नीवी, बेला, तेला आदि तपस्याएं कीं। दीक्षा समारोह में श्रद्धालुओं ने नवदीक्षित साधु-साध्वी के संयममय जीवन के प्रति मंगलकामनाएं व्यक्त कीं।
