

श्रीमद्भागवत कथा के तृतीय दिवस भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का महत्व बताया
बीकानेर। श्रीलालेश्वर महादेव मंदिर शिवमठ, शिवबाड़ी में गीतमय श्रीमद्भागवत कथा के तृतीय दिवस का प्रसंग हुआ। कथा प्रवाहक संत स्वामी सच्चिदानंदगिरि महाराज ने कहा कि जब तक जीव पर प्रभु की कृपा नहीं होती, तब तक वह प्रभु की ओर जाने में समर्थ नहीं हो पाता। उन्होंने कहा कि प्रभु प्राप्ति का मार्ग भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का मार्ग है। इस मार्ग पर हम तभी कदम रख सकते हैं, जब हमारा मन भक्तिमय हो। भक्ति के बिना ज्ञान को आत्मसात करना संभव नहीं है। मंदिर अधिष्ठाता पूज्य स्वामी विमर्शानंदगिरि महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण में 18 हजार श्लोक, 12 स्कंध और विभिन्न अध्यायों के माध्यम से जीवन को आध्यात्मिक दिशा देने वाली शिक्षाएं दी गई हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से कथा के संदेश को अपने जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया।
