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ऊंटनी के दूध में मिलावट पहचानने की तकनीक को मिला पेटेंट

ऊंटनी के दूध में मिलावट पहचानने की तकनीक को मिला पेटेंट
बीकानेर। राजस्थान पशु चिकित्सा और पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, बीकानेर के वैज्ञानिकों ने ऊंटनी के दूध में गाय अथवा भैंस के दूध की मिलावट की पहचान के लिए अभिनव डीएनए किट तकनीक विकसित की है। भारत सरकार के पेटेंट कार्यालय ने इस तकनीक को पेटेंट प्रदान किया है। यह पेटेंट डॉ. अमित कुमार पाण्डेय, डॉ. प्रमोद मोहता, प्रो. बी.एन. श्रृंगी, स्व. डॉ. सुनील माहेरचंदानी, डॉ. नरेंद्र सिंह राठौड़, डॉ. कृतिका गहलोत, डॉ. चौत्री शर्मा तथा डॉ. वेद प्रकाश के लंबे समय से किए जा रहे शोध का परिणाम है। ऊंटनी के दूध की बढ़ती मांग के साथ उसकी शुद्धता और प्रमाणिकता सुनिश्चित करने के लिए सरल, तीव्र और प्रभावी जांच विधियों की आवश्यकता भी बढ़ रही है। विश्वविद्यालय द्वारा विकसित डीएनए किट तकनीक ऊंटनी के दूध में अन्य प्रजातियों के दूध की मिलावट की पहचान करने में महत्वपूर्ण साबित होगी। डॉ. सुमंत व्यास ने बताया कि विश्वविद्यालय का यह शोध अब प्रयोगशाला तक सीमित न रहकर पशुपालकों, उपभोक्ताओं और संबंधित उद्योगों के लिए उपयोगी तकनीक के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

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