

जाम्भाणी साहित्य ज्ञान परीक्षा 18 अक्टूबर को
बीकानेर। जाम्भाणी साहित्य अकादमी, बीकानेर की ओर से देशभर में आयोजित होने वाली जाम्भाणी साहित्य ज्ञान परीक्षा को लेकर अकादमी की अध्यक्ष इंद्रा विश्नोई ने बताया कि गुरु जम्भेश्वर के उपदेश किसी पंथ, संप्रदाय अथवा समाज विशेष तक सीमित नहीं थे। उन्होंने अपनी सबदवाणी में जिज्ञासुओं को संबोधित करते हुए ‘प्राणी’ शब्द का प्रयोग किया है। अर्थात उनके उपदेश प्राणीमात्र के कल्याण के लिए हैं। अकादमी के विनोद जम्भदास एवं डॉ. लालचंद बिश्नोई ने बताया कि जाम्भाणी साहित्य ज्ञान परीक्षा का आयोजन देशभर में एक साथ 18 अक्टूबर को किया जाएगा। परीक्षा के लिए देशभर में लगभग 1000 परीक्षा केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि परीक्षा में विद्यार्थियों के पंजीकरण की प्रक्रिया 15 अगस्त से शुरू होकर 31 अगस्त तक चलेगी। उन्होंने विद्यार्थियों से अधिकाधिक संख्या में पंजीकरण करवाकर जाम्भाणी साहित्य एवं गुरु जम्भेश्वर के विचारों को जानने-समझने का आह्वान किया।
