

‘प्रारब्ध की दीमक’ कविता के लिए कविता लेखन श्रेणी में होंगी सम्मानित
बीकानेर। साहित्य-सृजन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए बीकानेर की कवयित्री एवं कथाकार डॉ. मेघना शर्मा को जयपुर की अभाकाम संस्था द्वारा पांचवें राष्ट्रीय मुंशी प्रेमचंद साहित्य रत्न सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान उन्हें कविता लेखन की श्रेणी में प्रदान किया जाएगा। संस्था के अध्यक्ष अजीत सक्सेना ने बताया कि 9 अगस्त को जयपुर के दुर्गापुरा स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के सभागार में आयोजित होने वाले सम्मान समारोह में डॉ. मेघना शर्मा को यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया जाएगा। साहित्य के क्षेत्र में उनकी सृजनशीलता और संवेदनात्मक अभिव्यक्ति को रेखांकित करते हुए चयन समिति ने उनकी कविता ‘प्रारब्ध की दीमक’ का चयन सम्मान के लिए किया है। संस्था के महामंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने बताया कि सम्मान समारोह के मंच पर डॉ. मेघना शर्मा को नगद राशि, स्मृति चिह्न, शॉल, दुपट्टा एवं प्रमाण-पत्र भेंट कर सम्मानित किया जाएगा। डॉ. मेघना शर्मा के सम्मानित होने से बीकानेर के साहित्यिक जगत में प्रसन्नता का वातावरण है। उनकी कविता में जीवन की जटिल अनुभूतियों, सामाजिक सरोकारों और मानवीय संवेदनाओं की सहज एवं प्रभावशाली अभिव्यक्ति देखने को मिलती है। ‘प्रारब्ध की दीमक’ के लिए मिला यह सम्मान उनके साहित्यिक अवदान को राष्ट्रीय स्तर पर मिली महत्वपूर्ण पहचान के रूप में देखा जा रहा है।
