

मंत्र दीक्षा कार्यशाला आयोजित, पांच बच्चों ने ग्रहण की मंत्र दीक्षा
बीकानेर/मुंबई। आचार्य महाश्रमण की प्रेरणा एवं अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद् के तत्वावधान में बच्चों में आध्यात्मिक संस्कार, अनुशासन और नियमित साधना की भावना विकसित करने के उद्देश्य से देशभर में आयोजित की जा रही मंत्र दीक्षा कार्यशालाओं की श्रृंखला में दक्षिण मुंबई में भी विशेष आयोजन हुआ। आचार्य महाप्रज्ञ विद्यानिधि फाउंडेशन, श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा, तेरापंथ युवक परिषद्, तेरापंथ महिला मंडल एवं अणुव्रत क्षेत्रीय समिति, दक्षिण मुंबई के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित मंत्र दीक्षा कार्यशाला साध्वी कंचनप्रभा एवं साध्वी मंजूरेखा के सान्निध्य में संपन्न हुई। इस अवसर पर साध्वीश्री ने बच्चों को मंत्र दीक्षा प्रदान करते हुए नवकार मंत्र के आध्यात्मिक एवं व्यावहारिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि नवकार मंत्र जीवन में आत्मिक शांति, सकारात्मक सोच और नैतिक मूल्यों के विकास का आधार है। कार्यशाला के दौरान 9 वर्ष आयु के पांच बच्चों को मंत्र दीक्षा प्रदान की गई। पवन मांडोत एवं सौरव पटवारी ने कहा कि मंत्र दीक्षा बच्चों में आध्यात्मिक चेतना, अनुशासन और संस्कारों के विकास का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने अधिक से अधिक बच्चों को इस संस्कार निर्माण अभियान से जोड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन भावी पीढ़ी के चरित्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
