

स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय का स्थापना दिवस समारोह
बीकानेर। राज्यपाल हरि भाऊ बागडे ने कहा कि उच्च शैक्षणिक संस्थानों का दायित्व है कि वे विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा प्रदान करने के साथ उन्हें बौद्धिक रूप से भी सशक्त बनाएं। राष्ट्र के प्रति कृतज्ञ युवाओं के योगदान से देश को और अधिक सक्षम और सशक्त बनाया जा सकेगा। राज्यपाल बागडे शनिवार को बीकानेर के स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय के 40वें स्थापना दिवस समारोह और डॉ. के. एन. स्मृति व्याख्यानमाला को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय का दायित्व है कि वे बच्चों को व्यवहारिक शिक्षा भी दें। कॉपी मुक्त परीक्षा की अवधारणा देते हुए उन्होंने कहा कि हमें इस ओर तेजी से आगे बढ़ना होगा। उन्होंने नई शिक्षा नीति में विद्यार्थियों की बौद्धिक क्षमता विकास से जुड़े तथ्यों की जानकारी दी। प्रो. डॉ. के. एन. नाग स्मृति व्याख्यानमाला को मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष श्री हनुमान सिंह राठौड़ ने मरु पंचवटी पर शोध करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में खेजड़ी पर कार्य हो रहा है लेकिन केर, कुमटिया, रसोड़ा और काचरी पर के वैज्ञानिक और चिकित्सकीय गुणों को समझने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मरुस्थलीय क्षेत्र में अनेक औषधीय वनस्पतियां पैदा होती हैं। कृषि विश्वविद्यालयों को इस दिशा में शोध की पहल करनी चाहिए, क्योंकि आज दुनियाभर में इन औषधियों की मांग है।
