

खेजड़ी पर वार नहीं सहेंगे : कानून नहीं बना तो होगा बड़ा जनआंदोलन
बीकानेर। खेजड़ी वृक्षों की लगातार हो रही कटाई के खिलाफ विश्नोई समाज और पर्यावरण प्रेमियों का आक्रोश एक बार फिर मुखर हो उठा। समाज ने खेजड़ी संरक्षण के लिए कठोर कानून बनाने और अवैध कटाई पर तत्काल पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर महाराज सच्चिदानंद के नेतृत्व में अतिरिक्त जिला कलक्टर (एडीएम) के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि राजस्थान की पर्यावरणीय, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान माने जाने वाले खेजड़ी वृक्ष आज गंभीर संकट से गुजर रहे हैं। बीकानेर, जोधपुर, नागौर, बाड़मेर, फलोदी, बालोतरा, जालौर, पाली, अजमेर और चूरू सहित कई जिलों में सोलर परियोजनाओं के नाम पर बड़ी संख्या में खेजड़ी वृक्षों की कटाई की जा रही है। इससे विश्नोई समाज सहित आमजन में भारी रोष व्याप्त है। अखिल भारतीय विश्नोई महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेन्द्र बुडिया ने कहा कि बीकानेर में हुए महापड़ाव और जनआंदोलन के दौरान राज्य सरकार ने खेजड़ी संरक्षण के लिए प्रभावी कानून बनाने का आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक उस वादे को पूरा नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि लगातार हो रही कटाई से पर्यावरणीय संतुलन, जैव विविधता और मरुस्थलीय पारिस्थितिकी पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
मनोज विश्नोई ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि पर्याप्त समय बीत जाने के बावजूद खेजड़ी संरक्षण संबंधी कानून नहीं बनाया गया है, जबकि हरे वृक्षों की कटाई बदस्तूर जारी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की 36 कौमें खेजड़ी संरक्षण के लिए कानून बनाने की मांग कर रही हैं और अब समाज पूरी तरह जागरूक है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि “खेजड़ी पर अब कोई भी चोट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि शीघ्र कानून नहीं बना तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।”
इस अवसर पर हड़मान बेनीवाल, मोखराम धारणिया, सुभाष विश्नोई, रामगोपाल विश्नोई, मांगीलाल नोखड़ा, रामकिशन डेलू, रिछपाल फौजी, भोमाराम भादू, हेतराम डूडी, दिनेश, रामदयाल बेनीवाल, सुनील सींगड़, भंवरलाल कूकणा, मुकेश पन्नू, लक्ष्मण कुमावत, राकेश विश्नोई, संदीप खींचड़ एवं अनिल विश्नोई सहित बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे।
