

सुजानदेसर गोचर भूमि में हरियाली विस्तार की अपार संभावनाएं, 2 किमी फेंसिंग व पाइपलाइन से लग सकते हैं एक लाख और पौधे
बीकानेर। सुजानदेसर गोचर भूमि में शोधित (ट्रीटेड) पानी के प्रभावी उपयोग से हरियाली का दायरा लगातार बढ़ रहा है। यहां अब तक लगभग एक लाख पौधे लगाए जा चुके हैं, जो क्षेत्र को हराभरा बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। सामाजिक कार्यकर्ता मिलन गहलोत ने बताया कि यदि लगभग 2 किलोमीटर क्षेत्र में तारबंदी (फेंसिंग) कर दी जाए तथा शोधित पानी का वैज्ञानिक ढंग से उपयोग सुनिश्चित किया जाए, तो यहां एक लाख से अधिक अतिरिक्त पौधे लगाए जा सकते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि क्षेत्र में सोलर पैनल आधारित पंप स्थापित कर लगभग 2 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जाए, जिससे पूरे क्षेत्र में नियमित सिंचाई की व्यवस्था हो सके। गहलोत के अनुसार इस व्यवस्था से न केवल नए पौधों का रोपण और संरक्षण संभव होगा, बल्कि गोचर भूमि में स्थानीय घास का भी व्यापक विकास होगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता भी बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि प्रशासन द्वारा प्रतिदिन लगभग 13 से 14 लाख लीटर शोधित पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। यदि इस पानी का योजनाबद्ध और प्रभावी उपयोग किया जाए तो सुजानदेसर गोचर भूमि भविष्य में बीकानेर के सबसे बड़े हरित क्षेत्रों में विकसित हो सकती है। उन्होंने प्रशासन से इस दिशा में आवश्यक आधारभूत सुविधाएं विकसित करने की मांग करते हुए कहा कि यह पहल पर्यावरण संरक्षण, भूजल संवर्धन और जैव विविधता के संरक्षण की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगी।
