

युवा और छोटे शहरों के ग्राहक बना रहे हैं नए क्रेडिट कार्ड बाजार की तस्वीर
नई दिल्ली। ट्रांसयूनियन सिबिल की ताजा रिपोर्ट ‘बियॉन्ड द स्वाइप 2026’ के अनुसार, भारत में पहली बार क्रेडिट कार्ड लेने वाले ग्राहकों की प्रोफाइल तेजी से बदल रही है। अब नए कार्डधारकों में युवाओं और छोटे शहरों व ग्रामीण क्षेत्रों के ग्राहकों की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च 2026 तक पहली बार क्रेडिट कार्ड लेने वाले 30 वर्ष या उससे कम आयु के ग्राहकों की हिस्सेदारी बढ़कर 50 प्रतिशत हो गई, जबकि मार्च 2022 में यह 43 प्रतिशत थी। वहीं, छोटे शहरों और ग्रामीण बाजारों से आने वाले नए ग्राहकों की हिस्सेदारी भी 42 प्रतिशत से बढ़कर 46 प्रतिशत तक पहुंच गई है। ट्रांसयूनियन सिबिल के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (एमडी एवं सीईओ) भावेश जैन ने कहा कि भारतीय क्रेडिट कार्ड बाजार में पिछले एक दशक से जारी वृद्धि अब ग्राहकों की बदलती वित्तीय जरूरतों के अनुरूप आगे बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि आज उपभोक्ता केवल क्रेडिट कार्ड तक सीमित नहीं हैं, बल्कि छोटे पर्सनल लोन, कंज्यूमर ड्यूरेबल लोन और कम अवधि के अन्य वित्तीय विकल्पों का भी उपयोग कर रहे हैं। यह संकेत देता है कि देश में औपचारिक ऋण सेवाओं का दायरा बढ़ रहा है और ग्राहक अपनी रोजमर्रा की वित्तीय आवश्यकताओं के लिए विविध क्रेडिट उत्पादों को अपना रहे हैं।
