

आध्यात्मिक साहित्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि
बीकानेर। सनातन संस्था के संस्थापक सच्चिदानन्द परब्रह्म डॉ. जयंत बालाजी आठवले (गुरुदेव) की प्रेरणा एवं मार्गदर्शन में प्रकाशित सनातन के ग्रंथों ने आध्यात्मिक साहित्य के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। अप्रैल 2026 तक सनातन के 370 ग्रंथों एवं लघुग्रंथों की 13 भाषाओं में 1 करोड़ 2 लाख 67 हजार से अधिक प्रतियां प्रकाशित हो चुकी हैं। सनातन संस्था के प्रवक्ता चेतन राजहंस ने बताया कि सनातन के ग्रंथ केवल धर्म और अध्यात्म तक सीमित नहीं हैं, बल्कि राष्ट्र रक्षा, हिंदू राष्ट्र की स्थापना, भाषा शुद्धि, सात्त्विक कला, व्यक्तित्व निर्माण तथा आध्यात्मिक साधना जैसे विविध विषयों पर भी विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि सनातन के ग्रंथ-कार्य के लिए एक गौरवपूर्ण मील का पत्थर है। राजहंस ने बताया कि प्रकाशित प्रतियों का एक करोड़ का आंकड़ा पार करना इस बात का प्रमाण है कि समाज में धर्म, अध्यात्म और शास्त्रों को समझने तथा जीवन में अपनाने की जिज्ञासा लगातार बढ़ रही है। इन ग्रंथों के माध्यम से लाखों पाठकों को आध्यात्मिक ज्ञान, साधना और धर्माचरण के विषय में मार्गदर्शन प्राप्त हो रहा है।।
