

डीजल उपलब्धता संकट से उद्योग एवं परिवहन क्षेत्र प्रभावित, मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग
बीकानेर। व्यापार उद्योग मंडल ने प्रदेश में डीजल की उपलब्धता को लेकर उत्पन्न हो रही समस्याओं पर चिंता व्यक्त करते हुए राजस्थान के मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर शीघ्र हस्तक्षेप की मांग की है। मंडल का कहना है कि डीजल की आपूर्ति में आ रही बाधाओं के कारण उद्योगों और परिवहन क्षेत्र के समक्ष गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
मंडल अध्यक्ष जुगल राठी ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में डीजल की उपलब्धता को लेकर लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। कई पेट्रोल पंपों पर सीमित मात्रा में डीजल दिया जा रहा है, जबकि कुछ स्थानों पर विभिन्न प्रकार के प्रतिबंध लगाए जाने से औद्योगिक इकाइयों के संचालन और उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। मंडल के सचिव संजय सांड ने कहा कि लंबी दूरी तक माल परिवहन करने वाले ट्रकों एवं अन्य मालवाहक वाहनों को आवश्यकता के अनुरूप डीजल नहीं मिल पा रहा है। इसके चलते माल परिवहन व्यवस्था प्रभावित हो रही है और कच्चे माल तथा तैयार उत्पादों की आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान उत्पन्न हो रहा है। वेद अग्रवाल ने कहा कि उद्योग एवं परिवहन क्षेत्र राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। इन क्षेत्रों का निर्बाध संचालन ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता पर निर्भर करता है। यदि डीजल आपूर्ति की समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो उत्पादन, व्यापार और रोजगार पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है। व्यापार उद्योग मंडल ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि डीजल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों एवं तेल कंपनियों को आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं, ताकि उद्योगों और परिवहन क्षेत्र की गतिविधियां सुचारु रूप से संचालित हो सकें तथा राज्य की आर्थिक गतिविधियों पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
