

श्री नवाह्न परायण पाठ की पूर्णाहुति, राम राज्याभिषेक प्रसंग ने श्रद्धालुओं को किया भावविभोर
बीकानेर। मानस प्रचार समिति लखोटिया चौक के बैनर तले स्थानीय नृसिंह सत्संग उद्यान में आयोजित श्री नवाह्न परायण पाठ की सोमवार को विधि-विधान एवं धार्मिक अनुष्ठानों के साथ पूर्णाहुति हुई। समापन अवसर पर श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। कथा वाचक पं. गिरधर गोपाल एवं सुशील आसोपा ने रावण वध के पश्चात राम-विभीषण राज्याभिषेक, पुष्पक विमान से अयोध्या प्रस्थान एवं राम राज्याभिषेक के प्रसंगों का संगीतमय वाचन किया। कथा के समापन पर भगवान श्रीराम की आरती कर प्रसाद वितरण किया गया। इस अवसर पर पहुंचे शशि मोहन मून्दड़ा ने कहा कि मनुष्य के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि तभी आती है जब मन को शांति प्राप्त हो, और यह शांति रामचरितमानस के स्वाध्याय से ही संभव है। उन्होंने कहा कि रामचरितमानस के संदेशों को समझकर व्यक्ति अपने मन के विकारों एवं अनावश्यक विकृतियों पर नियंत्रण पा सकता है।
महाराजश्री ने राम राज्याभिषेक प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि जीवन को सफल एवं सार्थक बनाने के लिए रामचरितमानस का दर्शन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि रामचरितमानस की प्रत्येक चौपाई व्यक्ति के जीवन में ऊर्जा का संचार करने के साथ समाज एवं राष्ट्र को सकारात्मक दिशा देने का कार्य करती है। उन्होंने श्रद्धालुओं का आह्वान करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को यह संकल्प लेना चाहिए कि वह राम की सेवा अथवा राष्ट्र सेवा में अपना योगदान दे, क्योंकि दोनों ही सेवा भाव पुण्यदायी हैं।
समापन अवसर पर आयोजन को सफल बनाने वाले सेवादारों का सम्मान भी किया गया। इस दौरान राजेन्द्र पुरोहित, राजेश चूरा, बलभद्र व्यास, नरेश पुरोहित, विक्रम पुरोहित एवं चन्द्रशेखर श्रीमाली सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।
