

पार्थिव देह चिकित्सा शिक्षा हेतु समर्पित की, देहदान बना प्रेरणा
बीकानेर। स्वर्गीय जय प्रकाश जोशी की पार्थिव देह उनकी पुत्री वर्षा शर्मा द्वारा सरदार पटेल आयुर्विज्ञान महाविद्यालय के शरीर रचना (एनाटॉमी) विभाग को समर्पित की गई। यह निर्णय मानवीय संवेदनाओं, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं चिकित्सा शिक्षा के प्रति समर्पण का प्रेरणादायी उदाहरण बना। देहदान की प्रक्रिया पूर्ण सम्मान के साथ संपन्न हुई। इस अवसर पर डॉ. नॉरंग लाल महावर, डॉ. रेखा गहलोत, डॉ. जसकरण सिंह, डॉ. कौशल रंगा, डॉ. हेमंत, नर्सिंग ऑफिसर मेवा सिंह एवं सामाजिक कार्यकर्ता संतोष महाराज उपस्थित रहे और दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की। डॉ. महावर ने कहा कि देहदान चिकित्सा विद्यार्थियों के लिए प्रत्यक्ष अध्ययन का अत्यंत महत्वपूर्ण माध्यम है। किसी भी चिकित्सक की आधारभूत दक्षता शरीर रचना के गहन अध्ययन से विकसित होती है तथा इसमें देहदान का योगदान सर्वोपरि है। इसी कड़ी में रजनी कालरा ने चिकित्सा शिक्षा एवं शोध कार्य हेतु देहदान का संकल्प लिया। समस्त आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण कर देहदान प्रपत्र एनाटॉमी विभागाध्यक्ष डॉ. राकेश मणि को विधिवत सौंपा गया। डॉ. सुरेंद्र कुमार ने कहा कि देहदान केवल चिकित्सा शिक्षा का माध्यम नहीं, बल्कि मानवता की सर्वोच्च सेवा का प्रतीक है।
