

रुद्रचंडी महायज्ञ में आहुतियों से सकारात्मकता का हुआ संचार
बीकानेर। ज्योतिषाचार्य पं. बाबूलाल शास्त्री ज्योतिष बोध संस्थान के तत्वावधान में पांच दिवसीय 21 कुंडात्मक रुद्रचंडी महायज्ञ एवं शिव पंचाक्षरी मंत्र अनुष्ठान का शुभारम्भ हुआ। यज्ञाचार्य पं. राजेन्द्र किराड़ू के आचार्यत्व में हर्षोलाव ताला अमरेश्वर महादेव मंदिर में आयोजित इस अनुष्ठान में प्रथम दिवस राजगुरु आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी श्री विशोकानंद भारती का सान्निध्य रहा। राजगुरु विशोकानंद भारती ने अनुष्ठान में उपस्थित 108 ब्राह्मणों व 25 यजमानों को आशीर्वचन देते हुए कहा कि कलिकाल में जप-तप व धार्मिक अनुष्ठान करके ही सनातन धर्म की रक्षा की जा सकती है। पं. किराड़ू ने बताया कि सुबह मंडप पूजन के साथ अनुष्ठान का शुभारम्भ हुआ। कार्यक्रम में गौभक्त देवकिशन चांडक का आतिथ्य रहा तथा बजरंग चांडक, शिवरतन राठी मुम्बई, जुगल लढ्ढा, जुगल बिहाणी, सुशील डागा, किशोर जाजू, नवनीत पुगलिया, मनमोहन डागा, सुशील डागा, रमेश चांडक आदि 25 यजमान दम्पतियों ने रुद्रचंडी यज्ञ में रुद्र मंत्रों व दुर्गा सप्तशती मंत्रों द्वारा आहुतियां दी। इसके साथ ही 108 ब्राह्मणों ने शिव पंचाक्षर मंत्रों से पूरे हर्षोल्लाव तालाब अमरेश्वर महादेव मंदिर को गुंजायमान कर दिया। पं. मिलन पुरोहित ने बताया कि अमरेश्वर महादेव का दुग्धाभिषेक ट्रस्टी पं. ओंकारनाथ हर्ष, पं. मनमोहन हर्ष व पं. बंशीलाल हर्ष द्वारा किया गया।
