

संतृप्ति अभियान के माध्यम से हितधारकों को बैंकों एवं सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए चलाया अभियान
बीकानेर। भारत सरकार तथा सहकारिता विभाग के निर्देशानुसार अधिकाधिक हितधारकों को बैंकों से जोड़ते हुए कल्याणकारी योजनाओं का लाभ देने के लिए नाबार्ड द्वारा ग्राम पंचायत राशीसर में शुक्रवार को संतृप्ति अभियान के तहत कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इंडियन बैंक शाखा प्रबंधक अमित कटारिया द्वारा पशुपालकों के लिए संचालित योजना इण्डडीजी डेयरी केसीसी के माध्यम से प्रति पशु 11 हजार 100 रुपए का ऋण का लाभ लेने के संबंध जानकारी दी।
नाबार्ड जिला विकास प्रबंधक रमेश ताम्बिया ने बताया कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उघमिता विकास कार्यक्रम, पीएम इंन्टर्नशीप योजना, कुसुम योजना तथा ग्रामीण युवाओं के लिए नाबार्ड की योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बैंक खाताधारकों को एक ही स्थान पर सभी बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध करवाना तथा बकाया केवाईसी को पूरा करते हुए खाताधारकों के बंद खातों को पुनः चालू करना है। इसी प्रकार खाताधारकों को भारत सरकार की सामाजिक सुरक्षा योजना, पीएम जन-धन योजना से जोड़ा गया। भारत सरकार की नाबार्ड के माध्यम से कृषको के लिए 1 लाख करोड़ रुपए की कृषि अवसंरचना निधि तथा पशुपालकों के लिए 15 हजार करोड़ की पशुपालन कृषि अवसंरचना विकास निधि संबंध में जानकारी देकर कृषकों को जागरुक किया गया।
