

मातृ-पितृ वंदन एवं सम्मान समारोह आयोजित
बीकानेर। बीकानेर जिला उद्योग केन्द्र परिसर में समदृष्टि, क्षमता विकास एवं अनुसंधान मंडल (सक्षम), बीकानेर तथा एस एनलिटिक्स प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना के उपलक्ष्य में मातृ-पितृ वंदन एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम भारतीय संस्कृति के मूल्यों, सामाजिक समरसता और नवाचार को समर्पित रहा। कार्यक्रम में शिक्षा के क्षेत्र में अच्छे अंक प्राप्त करने वाले दिव्यांग छात्र-छात्राओं को एवं अन्तरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर उत्कृष्ट खेल प्रदर्शन करने वाले दिव्यांग खिलाड़ियों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए टेकचंद बरडिया ने बताया कि “सक्षम” राष्ट्रीय स्तर पर दिव्यांगजन के सशक्तीकरण के लिए कार्य कर रहा है। इसकी स्थापना 20 जून 2008 को नागपुर, महाराष्ट्र से हुई थी और वर्तमान में यह देश के 400 से अधिक जिलों में सक्रिय है। सक्षम का उद्देश्य दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा में आत्म-सम्मान और गरिमा के साथ जोड़ना है।
सक्षम के राष्ट्रीय संगठन मंत्री चंद्रशेखर ने कहा कि सक्षम ऐसा वातावरण तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है, जहाँ दिव्यांगजन जीवन के प्रत्येक क्षेत्र- सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक में समरसता और सहभागिता का अनुभव करें। संगठन द्वारा रामदेवरा मेले में नेत्र कुंभ का आयोजन कर रहा है, जिसमें यात्रियों की आँखों की जाँच, चश्मों का निःशुल्क वितरण एवं आवश्यकतानुसार ऑपरेशन की सुविधा भी प्रदान की जाएगी।
डॉ. गुंजन सोनी ने दिव्यांग जनों को सरकार द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी दी। जिलाध्यक्ष डॉ जे.पी. कछावा ने बताया कि मेडिकल कॉलेज के सहयोग से सक्षम बीकानेर के द्वारा पुनर्वास विभाग में दिव्यांग सेवा केंद्र स्थापित किया गया है, जहाँ यूआईडी कार्ड पंजीकरण, दिव्यांग प्रमाणपत्र, छात्रवृत्ति एवं सरकारी योजनाओं में आवेदन सहित सरकारी नौकरियों में सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है।
मेघराज बोथरा ने कहा कि “सक्षम” न केवल दिव्यांगों के लिए बल्कि उनके हित में कार्य करने वालों को भी मंच प्रदान करता है, जिससे समावेशी विकास की दिशा में ठोस प्रयास हो सके। इस अवसर पर शहर के कई गणमान्य नागरिक, समाजसेवी एवं संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे। स्थानीय स्तर पर श्री नीरज शर्मा, अमित साध, अरविंद बिट्टू, विश्वकांत साध, विशाल गौड़, सीताराम शर्मा, अंगद विश्नोई, और दिग्विजय सिंह की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।
