

साहित्यकार नेमचंद गहलोत को श्रद्धांजलि
बीकानेर। नागरी भण्डार पाठक मंच की तरफ से नगर के समर्पित साहित्यकार, समाजसेवी,उद्योगपति कीर्तिशेष नेमचंद गहलोत को नमन-स्मरण हेतु श्रद्धांजलि-शोकाभिव्यक्ति कार्यक्रम का आयोजन महाराजा नरेंद्र सिंह ऑडिटोरियम श्री जुबिली नागरी भण्डार में रखा गया।
श्री जुबिली नागरी भण्डार पाठक मंच के कमल रंगा ने बताया कि इस श्रद्धांजलि सभा में नगर के साहित्यकारों,कलाधर्मियों, समाज सेवियों एवं अन्य क्षेत्र से जुड़े प्रबुद्धजनों द्वारा स्वर्गीय नेमचंद गहलोत को शब्दांजलि-श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
श्री जुबिली नगरी भण्डार के व्यवस्थापक नंदकिशोर सोलंकी ने स्वर्गीय नेमीचंद गहलोत को अपनी शाब्दिक श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके जीवन के अनेक अनछुए पहलू साझा किये। सोलंकी ने कहा कि ईमानदारी एवं लगन से काम करने में उनका कोई सानी नहीं था। आपने कहा कि उनके जैसा व्यक्तित्व मिलना बहुत मुश्किल है।
वरिष्ठ कवि कथाकार कमल रंगा ने कहा कि वे महान व्यक्तित्व के धनी होने के साथ साथ सभी के साथ आत्मीयता का भाव रखते थे। साथ ही वे एक ऐसे प्रेरणा पुंज थे जिन्होंने अनेक क्षेत्रों में अपनी क़ाबिलियत से कामयाबी हासिल की और अपना एक अलग मकाम बनाया।
डॉ.कृष्णा वर्मा ने उन्हें निस्वार्थ सेवाभावी बताया। शमीम अहमद शमीम ने उन्हें आदर्श पुरुष बताया। श्रद्धांजलि सभा में शायर बुनियाद ज़हीन,सुशील शर्मा, त्रिलोकी,देवकिशन, देवेंद्र गहलोत, गोपाल व्यास कुंठित, गोपाल गौतम, छगन सिंह, नेमचंद गहलोत के बड़े सुपुत्र जुगल किशोर गहलोत, नृसिंह भाटी एवं स्वर्गीय नेमचंद गहलोत के अनेक परिजन, हरि कृष्ण व्यास, वरिष्ठ गायक कुमार बी.एम.हर्ष, शानू कच्छावा, गायक पवन चड्ढ़ा,गायक एम रफीक कादरी, घनश्याम सिंह,श्रीगोपाल स्वर्णकार सहित साहित्य, समाज सेवा,कला एवं विभिन्न क्षेत्रों के अनेक प्रबुद्धजन उपस्थित थे।
