

सेवा, समर्पण तथा त्याग की प्रतिमूर्ति थी शांति भंडारी
बीकानेर। आर्य समाज मंदिर, महर्षि दयानन्द मार्ग, बीकानेर में रविवार को देहदानी शांति भंडारी के जन्म शताब्दी समारोह जो आर्य समाज और स्काउट गाइड संगठन के सयुंक्त रूप से आयोजित था। इस अवसर पर उनकी वसीयत के मुख्य निष्पादन कर्ता एवं समारोह के अध्यक्ष अशोक कुमार खन्ना, ने कहा कि भंडारी का संपूर्ण जीवन कर्तव्य निष्ठा, सामाजिक सेवा, समर्पण तथा त्याग की साक्षात् प्रतिमूर्ति थी। वे जहां बीकानेर की प्रथम देहदानी थी वहीं अपनी अर्जित अस्सी लाख से अधिक सम्पति स्काउट गाइड संगठन, बीकानेर, आर्य समाज, महर्षि दयानंद मार्ग, बीकानेर, स्थानीय विभिन्न सामाजिक संगठनों के अतिरिक्त वैदिक धर्म और संस्कृति के प्रचार प्रसार मे अजमेर, उदयपुर आदि संस्थाओ को समर्पित कर दी।
