

मंदिर आस्था और विश्वास के जीवंत केन्द्र
बीकानेर। श्रीलालेश्वर महादेव मंदिर का का 146वाँ तथा श्रीलक्ष्मीनारायण मन्दिर का 144वाँ प्रतिष्ठा महोत्सव बुधवार को मनाया संपन्न हुआ। बुधवार सुबह भगवान् श्री लालेश्वर महादेव का रुद्राभिषेक एवं यज्ञ-मण्डप में हवन का कार्यक्रम हुआ। रुद्राभिषेक महादेव मण्डल द्वारा किया जाएगा। इसके साथ दीप प्रज्वलन, यति स्तुति, वार्षिक प्रतिवेदन हुआ। कार्यक्रम में मंदिर अधिष्ठाता पूज्य स्वामी श्रीविमर्शानंदगिरि जी महाराज, मध्यप्रदेश से पूज्य स्वामी श्रीसमानंदगिरि जी महाराज हरिद्धार से पूज्य स्वामी श्रीकेशवानंदगिरि जी महाराज, गाड़ोदा से पूज्य स्वामी श्रीमहावीरयति जी महाराज, महामण्डलेश्वर रामझरोखा आश्रम, राष्ट्रीय संत पूज्यश्री सरजूदास जी महाराज, महेश्वर, ऋषिकेश से सदाशिवानंदजी महाराज तथा अन्य संत-महात्माओं का हुआ। वरिष्ठ साधक राजकुमार कौशिक द्वारा वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर मंदिर अधिष्ठाता पूज्यश्री स्वामी महाराज ने कहा कि श्रीलालेश्वर महादेव मंदिर में शास्त्र व शस्त्र दोनों का प्रशिक्षण देकर सनातन संस्कृति के उद्देश्य को साकार करने का प्रयास किया जा रहा है। जो संस्कृति का आधार व परम धर्म होता है, धर्मानुसार अपने कर्तव्यों को निभाना संस्कृति की सेवा करना है। जिस प्रकार भारतीय घर यज्ञशाला-योगशाला है, उसी प्रकार भारतीय मंदिर सनातन आसि व ईश्वरीय विश्वास के सार्थक केन्द्र होते हैं। इस मौके पर राजकुमार कौशिक, हरीशचंद्र शर्मा, घनश्याम स्वामी, भवानीशंकर व्यास, बजरंगलाल शर्मा, रमेश शर्मा, रामदयाल राजपुरोहित, सुरेश गुप्ता, विजय सिंह राठौड़, साकेत शर्मा, रमेश जोशी, श्यामसुंदर तिवारी, रमेश आचार्य, हरिओम पूंज, रमेश शर्मा, पवन चाण्डक, योगेश शर्मा, नंदू सिंह शेखावत, नंदकिशोर भाटी, प्रदीप देवड़ा, वी.के. व्यास, अनिल गौड़, मोहित अग्रवाल आदि का सहायोग रहा।
