

कृषकों को मिलेगा 60 प्रतिशत अनुदान
बीकानेर। जिले में सौर ऊर्जा की अपार संभावनाओं के मद्देनजर उद्यान विभाग द्वारा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय, भारत सरकार की प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (पीएम कुसुम) कम्पोनेंट ‘बी’ के तहत कृषकों को हाईटेक सिंचाई के लिए तीन, पांच व साढ़े सात हॉर्स पम्प क्षमता तक स्टैण्ड अलोन सौर ऊर्जा पम्प संयंत्र अनुदान पर उपलब्ध कराये जा रहे हैं।योजना का उद्देश्य ऐसे कृषक, जिनके पास सिंचाई के लिए कृषि विद्युत कनेक्शन नही हैं एवं सिंचाई के लिए डीजल चलित संयंत्र अथवा अन्य वैकल्पिक साधन पर निर्भर हैं, उन्हें सिंचाई के लिए सौर ऊर्जा पम्प संयंत्र अनुदान पर उपलब्ध करवाया जाना है।उद्यान विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. दयाशंकर ने बताया योजना का लाभ लेने के लिए कृषक के पास न्यूनतम 0.4 हैक्टेयर का भू-स्वामित्व होना आवश्यक है। अनुसूचित जाति व जनजाति किसानों के लिए 3 व 5 हॉर्स क्षमता के पम्प संयंत्रों हेतु न्यूनतम 0.2 हेक्टेयर का भू-स्वामित्व होना आवश्यक है। कार्यदायी फर्म द्वारा तकनीकी सर्वे के आधार पर पम्प क्षमता का निर्धारण किया जाएगा। तकनीकी सर्वे के अनुसार कृषक द्वारा आवेदित पम्प क्षमता में बदलाव किया जा सकेगा।
उद्यान विभाग के सहायक निदेशक मुकेश गहलोत ने बताया कि योजना के प्रारंभिक वर्ष से अब तक जिले में 12 हजार 224 सोलर पंप संयंत्र अनुदान पर किसानों को उपलब्ध करवायें गये हैं। इस वित्तीय वर्ष हेतु जिला बीकानेर को सोलर पंप संयंत्र स्थापना के लिए 2 हजार 780 सामान्य श्रेणी, 700 अनुसूचित जाति, 20 अनुसूचित जनजाति कुल 3500 के लक्ष्य प्राप्त हुए हैं। अनुदान के लिए किसानों को राज किसान साथी पोर्टल पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ ऑनलाईन आवेदन करना है। आवेदन के साथ कृषक का जनआधार कार्ड, भूमि की जमाबंदी या पासबुक की प्रतिलिपि (भू-स्वामित्व), सिंचाई जल स्त्रोत ऑनलाईन स्वघोषित, कृषि विद्युत कनेक्शन न होने का शपथ ऑनलाईन स्वघोषित इत्यादि राज किसान साथी पोर्टल पर ऑनलाइन प्रस्तुत किया जाना है। स्टेण्ड अलोन सौर ऊर्जा पम्प परियोजना में पीएम कुसुम कम्पोनेंट बी के तहत 60 प्रतिशत (30 प्रतिशत केन्द्रीय मद तथा 30 प्रतिशत राज्य मद) अनुदान देय होगा। न
