

प्रमोद शर्मा को श्रीमती कमला रंगा सृजन सेवा सम्मान
बीकानेर। प्रज्ञालय संस्थान एवं बीकानेर साहित्य संस्कृति कला संगम के संयुक्त तत्वावधान में राजस्थानी हिन्दी के साहित्यकार प्रमोद शर्मा को श्रीमती कमला रंगा सृजन सेवा सम्मान-2025 अर्पित किया गया। सम्मान समारोह की अध्यक्षता साहित्यकार कमल रंगा ने की वहीं समारोह के मुख्य अतिथि शिक्षाविद् एवं आलोचक डॉ. उमाकांत गुप्त थे। डॉ. गुप्त ने कहा कि शर्मा ऐसे रचनाकार है जो विसंगती में संगती की खोज करते हुए मानवीय चेतना की सशक्त पैरोकारी करते हैं। सभी विधाओं में सृजन के माध्यम से मानवीय पीड़ा को स्वर दिया है। आप मंजिल के नहीं राहों के कवि हैं।
अध्यक्षता करते हुए कमल रंगा ने कहा कि प्रमोद शर्मा अपनी शब्द यात्रा के माध्यम से संवेनाओं की सूक्ष्म पड़ताल करते हुए अपने सृजन संसार में प्रतिबद्धता के साथ संलग्न है। ऐसी प्रतिभा का सम्मान करना सामाजिक दायित्व है।
प्रमोद शर्मा ने कहा कि मैं आयोजक संस्था एवं आयोजकों का आभारी हूंँ कि उन्होने इस सम्मान के माध्यम से मेरे साहित्य दायित्व की जिम्मेवारी को और गंभीर बना दिया है। जिसके लिए वे साधुवाद के पात्र है। शर्मा के सम्मान में आयोजित उनके एकल काव्य पाठ में उन्होने हिन्दी राजस्थानी की कविता, गीत एवं गजल आदि की एक से एक उम्दा प्रस्तुति देकर उपस्थित गरिमामय श्रोताओं को मंत्र मुग्ध कर दिया।
इस अवसर पर उनके सम्मान में अपने विचार व्यक्त करते हुए जाकिर अदीब, डॉ. नृसिंह बिन्नाणी, डॉ. अजय जोशी, श्रीमती इन्द्रा व्यास, राजाराम स्वर्णकार एवं जुगल किशोर पुरोहित ने उन्हें समय का सच उद्घाटित करने वाला रचनाकार बताया। इसी क्रम में डॉ. फारूख चौहान, गिरिराज पारीक, डॉ. नमामी शंकर आचार्य, गोपाल कुमार व्यास ‘कुंठित’, विप्लव व्यास, महेश उपाध्याय, आनन्द छंगाणी, इश्हाक गौरी ‘शफक‘, मदन जैरी, हरिकिशन व्यास, महेन्द्र जोशी आदि ने प्रमोद शर्मा के जीवन से जुडे़ हुए कई अनछुए पहलु साझा करते हुए उन्हें समर्पित रचनाकार बताया।
