

गीत हरजस और लोकगीतों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया
बीकानेर। बीकानेर के 538 वे जन्म दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की श्रृंखला में रविवार की शाम नगरी भंडार स्थित नरेंद्र सिंह ऑडिटोरियम में राजस्थानी लोकगीत परंपरा गायन और विचार की एक महत्वपूर्ण संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी की अध्यक्षता वरिष्ठ समाजसेवी एवं लोक कला मर्मज्ञ जुगल किशोर ओझा पुजारी बाबा ने की एवं समारोह के मुख्य अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार आलोचक डॉक्टर मदन सैनी रहे। प्रारंभ में कार्यक्रम के संयोजक वरिष्ठ साहित्यकार कमल रंगा ने अपने उद्बोधन में कहा कि कार्यक्रम में एक नवाचार के तहत बीकानेर की समृद्ध लोक परंपरा, हरजस गीत एवं लोकगीतों के माध्यम से खास तौर पर गवर के गीतों की प्रस्तुति महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता राजस्थानी के साहित्यकार आलोचक डॉक्टर गौरी शंकर प्रजापत ने अपने विचार रखते हुए कहा कि लोक शास्त्र से महत्वपूर्ण है और बीकानेर अपनी समृद्ध परंपराओं का हमेशा निर्वहन करता रहा है। हमारे हरजस गवर के गीत और लोकगीत हमारी धरोहर है।
इस अवसर पर गवर के गीत पुजारी बाबा की टीम जिसमें विशेष तौर से पांच प्रमुख गायको यथा मुन्ना महाराज ,चुन्नी महाराज ,चंद्रशेखर, बी. र. सूरदासानी , बाबू गोरिया महाराज आदि ने अपने मधुर कण्ठों से संगीत की संगत के साथ गवर के गीत यथा चांद गवर ……., गवर री मौज बीकानेर में……., गढ़ घाट सू उत्तरी गवर……, मारो तेल बले घी गाल ….., घूमे हैं गवरजा रो घाघरो ….. आदि एक से एक उम्दा गीत प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसी कड़ी में राजस्थानी विशेष कर बीकानेर के परंपरागत लोकगीतों की प्रस्तुति वरिष्ठ लोक गायक सुशील छंगाणी और वरिष्ठ लोक गायिका श्रीमती पदमा व्यास ने एक से एक सुंदर मधुर लोकगीतों की प्रस्तुति देते हुए यथा लूमा झूमा रे……. सपना ……. चरखों निंबुडा……. आदि लोकगीत सुनाकर वातावरण को लोकगीत मय बना दिया।
इस अवसर पर सभी गायकों का अतिथियों का एवं संगीतज्ञों का राव बीकाजी की ओर से सम्मान किया गया। संजय पुरोहित कार्यक्रम कार्यक्रम के सहसंयोजक आत्माराम भाटी अभिषेक आचार्य राजेंद्र जोशी डॉक्टर फारूक चौहान अजीज भुट्टो रामलाल सोलंकी जी कोषाध्यक्ष राव बीकाजी संस्थान नरेंद्र स्यानी, सचिव राव बीकाजी संस्थान समारोह का संचालन वरिष्ठ उद्घोषक एवं कवि संजय पुरोहित ने किया इस अवसर पर डॉ अजय जोशी कासिम बीकानेर गिरिराज पारीक गंगा विशन बिश्नोई , गोपाल कुमार व्यास,महेश उपाध्याय, वसीमराजा, महेंद्र जोशी, इसरार हसन कादरी, रामगोपाल साहिल राजाराम स्वर्णकार, डॉ नमामिशंकर आचार्य ,ज्ञानेश्वर सोनी ,गौरीशंकर सोनी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी का आभार कार्यक्रम के सहसंयोजक खेल लेखक व्यंग कर आत्माराम भाटी ने ज्ञापित किया।
