

राजस्थान पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय का 8वाँ दीक्षांत समारोह आयोजित
बीकानेर। राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने कहा कि देश के विकास के लिए सड़कें, भवन और पुल जैसे भौतिक संसाधनों की जरूरत होती है, लेकिन देश सही मायनों में विकसित तब होता है, जब प्रत्येक नागरिक शारीरिक, बौद्धिक और चारित्रिक रूप से सशक्त होंगे। उन्होंने युवाओं के कौशल्य विकास पर जोर दिया और अध्ययनशीलता के विकास का आह्वान किया। राज्यपाल बागडे ने मंगलवार को राजस्थान पशु विज्ञान एवं पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय के 8वें दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता करते हुए यह उद्गार व्यक्त किए।
महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय के मीरा बाई सभागार में आयोजित समारोह के दौरान राज्यपाल ने कहा कि गुरुकुल शिक्षा पद्धति में विद्यार्थी को शिक्षा के साथ कौशल विकास और चारित्र निर्माण की शिक्षा मिलती थी। आज भी शिक्षार्जन और डिग्री हासिल करने के साथ विद्यार्थी खेल, शारीरिक व्यायाम आदि गतिविधियों में भी भागीदारी निभाएं। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा कि वे गुरु दक्षिणा के रूप में विश्वविद्यालय परिसर में एक-एक पौधा लगाएं और उसकी देखभाल करें। यह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादाई होगा।
पशुपालन, गोपालन, डेयरी और देवस्थान विभाग मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने कहा कि राजस्थान कृषि बाहुल्य प्रदेश है। हमारे प्रदेश के लगभग 70 प्रतिशत लोग कृषि और पशुपालन से जुड़े हैं। यह हमारी आजीविका का प्रमुख साधन है। दूध उत्पादन में भारत दुनिया में पहले और राजस्थान देश में दूसरे स्थान पर है। हमारे देश की जीडीपी में पशुपालन का पांच प्रतिशत योगदान है। इसे और अधिक मजबूत करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ‘पशुपालन सुधार योजना’, ‘पशु चिकित्सा सेवाओं में वृद्धि’ और ‘पशु स्वास्थ्य केंद्रों का विस्तार’ जैसी योजनाओं को प्रभावी तरीके से क्रियान्वित करने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना, गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना, सेक्स सॉट्रेट सीमेन और मोबाइल वेटरनरी यूनिट के बारे में बताया।
कुलपति आचार्य मनोज दीक्षित ने स्वागत उद्बोधन दिया और विश्वविद्यालय का प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि दीक्षांत समारोह में कुल 433 विद्यार्थियों को स्नातक, 71 को स्नातकोत्तर और 11 को विद्या वाचस्पति की उपाधियां दी गई। इसी प्रकार 10 मेघावी विधार्थियों को विभिन्न पदकों से नवाजा गया। विश्वविद्यालय के प्रति-कुलपति प्रो. हेमंत दाधीच ने आभार जताया।
इस दौरान बीकानेर (पश्चिम) विधायक श्री जेठानंद व्यास, स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ अरुण कुमार, जिला कलेक्टर श्रीमती नम्रता वृष्णि, पुलिस अधीक्षक श्री कावेंद्र सागर, श्री श्याम पंचारिया सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, विश्वविद्यालय स्टाफ सदस्य, विद्यार्थी और आमजन मौजूद रहे।
