Bikaner Bikaner District Rajasthan

जहां श्रद्धा वहां ईश्वर स्वयं मार्ग दिखाते हैं

जहां श्रद्धा वहां ईश्वर स्वयं मार्ग दिखाते हैं
बीकानेर। भगवान की कृपा बिना कोई कार्य सिद्ध नहीं होता, भक्त का सच्चा भाव ही उन्हें प्रसन्न करता है। जहां श्रद्धा और समर्पण होता है, वहां ईश्वर स्वयं मार्ग दिखाते हैं और अपने भक्त का हर कठिन समय में साथ निभाते हैं। यह उद्गार कथा व्यास परम पूज्य परमहंस महंत डॉ. रामप्रसाद महाराज ने मंगलवार को नानीबाई रो मायरो का वाचन करते हुए व्यक्त किए। पूर्णानन्दजी महाराज की पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम अंतर्गत कथा में उन्होंने आगे की कथा का विवेचन करते हुए बताया कि नरसी मेहता ने बड़े अंतर्मन से भगवान के आगे भाव से पर्ची रख दया की भीख मांगी थी। भगवान को उन्होंने कहा कि आप ही जानो, जो भी करना है आपको ही करना है। इस प्रकार महाराज ने इसी भूमिका में मीराबाई , करमाबाई, धन्ना भक्त की कथा श्रद्धालु भक्तों को प्रेमपूर्वक सुनाई। आयोजन समिति के गौरीशंकर सारड़ा ने बताया कि कथा के साथ बंशीलाल राठी की बगीची में नित्य धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं। नारायण बिहाणी ने बापजी के समधुर भजनों की प्रस्तुती दी।

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