

परिवार में शांति का मूल मंत्र है गुणग्राही बनना
बीकानेर। श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा के तत्वावधान में आयोजित युवक-युवती कार्यशाला में पारिवारिक सौहार्द और सामंजस्य पर गहन चर्चा हुई। मुख्य प्रवचनकार मुनि कमल कुमार स्वामी ने कैसे बढ़े परिवार में आपसी सामंजस्य विषय पर मार्गदर्शन देते हुए कहा कि दूसरों के अवगुणों के बजाय उनके गुणों को देखना ही शांति का वास्तविक मार्ग है। मुनि ने कहा कि जिस परिवार में लोग एक-दूसरे की कमियां ढूंढते हैं, वहां कलह और अशांति का वास होता है। इस अवसर पर मुनि श्रेयांस कुमार ने भी मधुर गीतिका के माध्यम से आपसी प्रेम और मधुरता बनाए रखने का आह्वान किया। जतनलाल संचेती ने आगामी कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि सोमवार को महाप्रज्ञ अंतरराष्ट्रीय स्कूल का शिलान्यास किया जाएगा।
