

संयुक्त संघर्ष समिति ने दिया ज्ञापन
बीकानेर। आरटीई के अंतर्गत प्री प्राईमरी कक्षाओं के प्रवेश हेतु योग्य स्टूडेंट्स के भुगतान हेतु आगामी 10 दिन में यदि शिक्षा विभाग द्वारा स्पष्ट दिशा निर्देश जारी नहीं किए जाएंगे तो, प्राईवेट स्कूल्स इन कक्षाओं में एक भी विद्यार्थी को प्रवेश नहीं देंगे। राजस्थान के 11 प्राईवेट स्कूल्स के संयुक्त संगठन प्राईवेट स्कूल्स फेडरेशन के माध्यम से अतिरिक्त निदेशक प्रारंभिक एवं माध्यमिक शिक्षा शैलेन्द्र देवड़ा को ज्ञापन दिया गया है। फेडरेशन के सचिव गिरिराज खैरीवाल ने बताया कि सरकार एवं शिक्षा विभाग प्री प्राईमरी कक्षाओं में प्रवेशित होने वाले एवं अध्ययनरत विद्यार्थियों के पुनर्भरण से बचना चाहते हैं जबकि हाईकोर्ट द्वारा 8 जनवरी 2026 को दिए गए फैसले में भुगतान हेतु आदेशित किया गया है। बावजूद इसके शिक्षा विभाग एवं सरकार अभी तक हठधर्मी बने हुए हैं और भुगतान करने से बचना चाह रहे हैं। विभिन्न संगठनों के सामूहिक मंच प्राईवेट स्कूल्स फेडरेशन के बैनर तले शिक्षा विभाग को इस संबंध में अपने स्पष्ट दिशा निर्देश अधिकतम 10 दिनों में जारी करने हेतु ज्ञापन देकर चेतावनी दी गई है कि यदि आगामी 10 दिनों में शिक्षा विभाग ने प्री प्राईमरी कक्षाओं हेतु पुनर्भरण के स्पष्ट दिशा निर्देश जारी नहीं किए तो एक भी प्राईवेट स्कूल प्री प्राईमरी कक्षाओं में किसी भी विद्यार्थी को प्रवेश नहीं देंगे। इस मौके पर लोकेश कुमार मोदी, प्रभुदयाल गहलोत, तरविन्दर सिंह कपूर, रमेश बालेचा, रघुनाथ बेनीवाल, घनश्याम साध हरिनारायण स्वामी, अभिजीत व्यास, रविकांत पुरोहित, सोमेश्वर स्वामी, रामदेव गौर, युवराज जैन, धर्मेंद्र कुमार शर्मा, उदयवीर सिंह, भरतसिंह राठौड़, पंकज गौड़, घनश्याम स्वामी, कुणाल सिंह कपूर सहित अनेक प्राईवेट स्कूल्स संचालक उपस्थित थे।
