

गांधी के विचार सदैव प्रासंगिक रहेंगे
बीकानेर। सांस्कृतिक सृजन पखवाड़े के तहत राजस्थानी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति अकादमी व इंटेक, बीकानेर चैप्टर के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को गाँधी जयंती पर राजस्थानी संगोष्ठी ‘विश्व-परिदरसाव मांय गाँधीजी रै विचारां री प्रासंगिकता’ का रोटरी क्लब सभागार में आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि रोटे. मनमोहन कल्याणी ने कहा कि गाँधीजी के विचारों व दर्शन की प्रासंगिकता जितनी पहले थी, उससे कहीं अधिक आज है। विश्व में शांति, भाईचारे की स्थापना के लिए गाँधीजी के बताए मार्ग पर चलना आवश्यक है। संगोष्ठी में एम. एल. जांगिड़, डॉ. मोहम्मद फारूक, गोविंद जोशी, डॉ. रितेश व्यास, डॉ. नमामीशंकर आचार्य, अमर सिंह खंगारोत, भुवनेश स्वामी, बाबूलाल छंगाणी, जुगल किशोर पुरोहित, योगेंद्र पुरोहित, सुभाष बिश्नोई ने भी विचार रखे। रोहित कुमार स्वामी ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर ओ. पी. शर्मा, पुष्पेंद्र सिंह राठौड़, डॉ. गिरिराज पारीक, विमलचंद भोजक, ऋषि व्यास, कान सिंह, मनोज मोदी सहित अनेक लोग उपस्थित थे।
