

खेजड़ी बचाओ महापड़ाव का पांचवां दिन, आंदोलन जारी
बीकानेर। पर्यावरण संघर्ष समिति द्वारा जिला कलक्टर कार्यालय के सामने 204वें दिन तथा खेजड़ला रोही नोखा दईया में 569वें दिन भी धरना लगातार जारी रहा। वहीं बिश्नोई धर्मशाला के सामने खेजड़ी बचाओ महापड़ाव का आज पांचवां दिन रहा। धरना संयोजक रामगोपाल बिशनोई ने कहा कि “शरीर का मरना मरना नहीं होता, ज़मीर का मरना ही वास्तविक मृत्यु है। जिनका ज़मीर ज़िंदा है, वही लोग इस आंदोलन को निरंतर जारी रखकर सफलता प्राप्त करेंगे।” उन्होंने कहा कि खेजड़ी वृक्षों को बचाने के लिए जीव रक्षकों एवं पर्यावरण प्रेमियों ने अपना जीवन झोंक दिया है और अब किसी भी परिस्थिति में पीछे हटने का प्रश्न ही नहीं उठता।
भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष पूनमचंद नैण ने कहा कि उनका संगठन पर्यावरण संघर्ष समिति के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। उन्होंने खेजड़ी वृक्षों को कटने से बचाने को हम सभी की पहली प्राथमिकता बताया।
इसी क्रम में गौड़ सभा भवन, रानी बाजार के समीप सड़क किनारे लगी हरी खेजड़ी को प्रशासन द्वारा कटवाए जाने के विरोध में ट्री-हगर विकास संस्थान के गोकुलराम बिशनोई अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और खेजड़ी काटने का विरोध करते हुए वन विभाग को लिखित शिकायत दर्ज कराई।
धरना स्थल पर शिवदान मेघवाल, गंगाबिशन सियाग, हरिराम खींचड़, शांतिलाल सेठिया, रामरतन बिशनोई, विवेक मित्तल, मोखराम धायल, गोपीचंद धायल, रामप्रताप वर्मा, आर.के. मेघवाल, सज्जन कुमार, शशिकला राठौड़, सिंवरी चौधरी, पाबूराम भादू, मोहनलाल कड़वासरा, हेमंत किराडू, लाधूराम गोदारा, प्रेमरतन जोशी, हेतराम बिशनोई, मालचंद कस्वां, रामदेव मेघवाल, महेंद्र भादू, हनुमान काकड़, मूलचंद खत्री, अरुण वैध, जयकिशन गहलोत, हीरू खां टावरी, सत्यनारायण कुलड़िया, गिरधारी कूकणा, जैसाराम मेघवाल, काशीराम मेघवाल, नरसिंह भाटी, सरजू गहलोत, पूनमचंद गोयल, दूलाराम मेघवाल, राधाकिशन सुथार (पूर्व सरपंच), मूलचंद सांखला, रामेश्वरलाल गोदारा, टीकूराम चौधरी, मेघराज रेगर, मिलन गहलोत, एडवोकेट भागीरथ मान, मोहनराम सायच, श्रवण कासनिया, हंसराज पूनिया, भगवानदास स्वामी, बुलाकीदास देवड़ा, जयप्रकाश बागड़वा, रामचंद्र माल, सतीश मेघवाल, रामचंद्र भादू (पूर्व सरपंच रोटू), रामस्वरूप पूनिया, चंद्राराम आर्य एवं दयाराम (सेवानिवृत्त न्यायाधीश) सहित बड़ी संख्या में पर्यावरण प्रेमी उपस्थित रहे। पर्यावरण संघर्ष समिति ने दोहराया कि खेजड़ी संरक्षण की मांग पूरी होने तक आंदोलन एवं महापड़ाव निरंतर जारी रहेगा।
