

बच्चों के सर्वांगीण विकास एवं सुरक्षित पुनर्वास के लिए संभाग स्तरीय किशोर न्याय आयोग गठित
बीकानेर। बाल संरक्षण संस्थानों में निवासरत बच्चों की देखभाल, शिक्षा, कौशल विकास एवं सुरक्षित पुनर्वास सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राजस्थान उच्च न्यायालय के निर्देशों की अनुपालना में संभाग स्तरीय किशोर न्याय आयोग का गठन किया गया है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय के सभागार में संभागीय आयुक्त एवं आयोग के अध्यक्ष विश्राम मीणा की अध्यक्षता में आयोग की बैठक आयोजित हुई। बैठक में बच्चों के सर्वांगीण विकास, बाल संरक्षण संस्थानों की नियमित निगरानी, करियर काउंसलिंग, सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने तथा संबंधित विभागों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित करने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में आयोग के उद्देश्यों एवं प्रमुख कार्यों की जानकारी देते हुए बताया गया कि बालिका गृह, शिशु गृह, संप्रेषण गृह एवं किशोर सुधार गृह में निवासरत बच्चों की समुचित देखभाल, शिक्षा, करियर काउंसलिंग तथा मानसिक एवं सामाजिक विकास सुनिश्चित करना आयोग की प्राथमिकता होगी। बच्चों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने के साथ उनके कौशल विकास, रोजगार संबंधी सहायता एवं सुरक्षित पुनर्वास की व्यवस्था की जाएगी, ताकि वे समाज की मुख्यधारा से जुड़कर आत्मनिर्भर एवं सम्मानजनक जीवन जी सकें। बैठक में जन्मेजय व्यास, इंदु चौधरी, मनोज गहलोत, डॉ. सुरेंद्र वर्मा, डॉ. राकेश गढ़वाल एवं हाजरा बानो उपस्थित रहे।
