

समाज से उपेक्षित वर्गों को समर्पित अपना घर आश्रम
बीकानेर। वर्तमान समय के भौतिकतावादी समय में छोटा परिवार, शिक्षा व रोजगार के लिए बच्चों का दूसरे शहर या विदेशों में बस जाना, तेज लाईफ-स्टाइल और बदलती सोच ने बुजुर्गों को एकदम अकेला कर दिया है। ऐसे में अपने ही घर में अपनों से उपेक्षित लोगों में आशा की नई किरण लेकर आया है रतनगढ़ में नवनिर्मित अपना घर आश्रम। प्रकृति की गोद में, प्रदूषण रहित वातावरण में आश्रम वासियों को मिलेगा घर जैसा वातावरण, स्नेह, सुख-सुविधाएँ और सुरक्षा।
डॉ. विजय प्रकाश गोयल ने बताया कि रतनगढ़ शहर में पायली गांव के समीप 3 बीघा से अधिक भूमि पर ‘अपना घर आश्रम’ का निर्माण कार्य आरम्भ किया था। इस आश्रम में 51 लोगों के रहने, खाने-पीने से लेकर सभी वो सुविधाएँ निःशुल्क उपलब्ध रहेंगी जो दैनिक दिनचर्या के लिए आवश्यक होती हैं।
