

उर्दू रामायण का राजस्थानी अनुवाद-वाचन सुन मंत्रमुग्ध हुए श्रोता
बीकानेर। प्रज्ञालय संस्थान, बीकानेर के तत्वावधान में हुसैन राणा लखनवी द्वारा वर्ष 1935 में रचित प्रसिद्ध उर्दू रामायण का राजस्थानी भाषा में अनुवाद एवं वाचन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान कमल रंगा ने रामायण के 27 छंदों का राजस्थानी अनुवाद-वाचन किया। रंगा पिछले कई वर्षों से इस उर्दू रामायण का राजस्थानी भाषा में अनुवाद कर उसका वाचन कर रहे हैं। कार्यक्रम में उन्होंने राजस्थानी भाषा की शुद्ध मठोठ, ठेठ स्थानीय लहजे और भावपूर्ण शैली में छंदों का वाचन किया। उनकी प्रभावशाली प्रस्तुति ने सभागार में उपस्थित श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर कासिम बीकानेरी, भवानी सिंह, हरिनारायण आचार्य, गिरिराज पारीक, अशोक कुमार, राजेश रंगा, पुनीत रंगा, राहुल आचार्य और लोकेश गहलोत सहित अनेक साहित्यप्रेमी, कवि एवं श्रोतागण उपस्थित रहे।
