

सोना-चांदी की तौल के लिए नए नियम
जयपुर/बीकानेर। सोना-चांदी खरीदने वाले उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा और तौल में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की है। उपभोक्ता मामले विभाग ने राजस्थान विधिक मापविज्ञान (प्रवर्तन) (द्वितीय संशोधन) नियम, 2026 अधिसूचित किए हैं। ये नियम 29 अक्टूबर, 2026 से प्रभावी हो गए हैं। नए प्रावधानों के तहत सोना, चांदी और अन्य बहुमूल्य धातुओं की खरीद-बिक्री में निर्धारित मानकों वाले सटीक कांटों का उपयोग अनिवार्य कर दिया गया है।
संशोधित नियमों के अनुसार, बहुमूल्य धातुओं की तौल के लिए अब केवल Class I (विशेष सटीकता) अथवा Class II (उच्च सटीकता) श्रेणी के कांटों का ही उपयोग किया जा सकेगा। इन कांटों का सत्यापन अंतराल 1 मिलीग्राम या उससे कम होना अनिवार्य है। इससे कम मात्रा में भी तौल की सटीकता सुनिश्चित होगी और उपभोक्ताओं को खरीदी गई सोना-चांदी की सही मात्रा मिल सकेगी।
स्वर्णकारों और सर्राफा व्यापारियों को करना होगा नियमों का पालन
उपभोक्ता मामले विभाग ने सभी स्वर्णकारों, सर्राफा व्यापारियों और बहुमूल्य धातुओं का कारोबार करने वाले प्रतिष्ठानों से नए प्रावधानों की पालना सुनिश्चित करने की अपील की है। व्यापारियों को निर्धारित श्रेणी के कांटों का उपयोग करने के साथ उनका नियमानुसार सत्यापन करवाना होगा तथा वैध सत्यापन प्रमाण-पत्र भी रखना होगा। जिन व्यापारियों के पास निर्धारित मानकों के अनुरूप कांटे उपलब्ध नहीं हैं, उन्हें नए नियमों के अनुसार आवश्यक व्यवस्था करनी होगी।
उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा और पारदर्शिता सर्वोपरि
उपभोक्ता मामले मंत्री सुमित गोदारा ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य दीपावली सहित पूरे वर्ष सोना-चांदी की खरीद-बिक्री में सही तौल और पारदर्शिता सुनिश्चित करना तथा उपभोक्ताओं के हितों की प्रभावी रक्षा करना है। नए प्रावधानों से बहुमूल्य धातुओं के कारोबार में तौल संबंधी अनियमितताओं की आशंका कम होगी और उपभोक्ताओं को भुगतान के अनुरूप धातु की सही मात्रा मिल सकेगी। विभाग ने उपभोक्ताओं से भी अपील की है कि वे सोना-चांदी खरीदते समय तौल पर विशेष ध्यान दें। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर राजस्थान उपभोक्ता हेल्पलाइन नंबर 14435 पर शिकायत दर्ज कराएं।
