

मैं और मेरा सरदारशहर’ पुस्तक का लोकार्पण, अतीत और वर्तमान को जोड़ने का प्रयास
बीकानेर। संस्मरण, रिपोर्ताज, रेखाचित्र और रोमांचक ऐतिहासिक घटनाओं से समृद्ध पुस्तक ‘मैं और मेरा सरदारशहर’ का ‘लेखक से संवाद’ कार्यक्रम में लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम में देशभर से आए 50 से अधिक साहित्यकारों सहित अनेक प्रबुद्धजनों ने भाग लिया। पुस्तक के लेखक विश्वनाथ तंवर ने कहा कि ‘मैं और मेरा सरदारशहर’ सरदारशहर के अतीत और वर्तमान को जोड़ने का प्रयास है। इसमें ऐतिहासिक घटनाओं के साथ उन लोगों के जीवन प्रसंगों को भी शामिल किया गया है, जिन्होंने शिक्षा, संस्कृति और सामाजिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। तंवर ने कहा कि पुस्तक की विशेषता इसमें उनके जीवन से जुड़े अनुभवों का समावेश है। अपने जीवन में देखे और महसूस किए गए प्रसंगों को उन्होंने संस्मरणों और सच्ची कहानियों के रूप में प्रस्तुत किया है। इन अनुभवों के माध्यम से पाठकों को जीवन के विभिन्न पहलुओं, सामाजिक परिस्थितियों और मानवीय संवेदनाओं को करीब से समझने का अवसर मिलेगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता मोहनलाल डागा ने की। लोकेश कुमार सिंह ‘साहिल’ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में हरिवाणी, डॉ. आरती वर्मा, पं. बालकृष्ण कौशिक, सुनीता डिसूजा और डॉ. विजय सिंह नाहटा शामिल रहे।
