

वेद और शास्त्र देते हैं ‘मनुर्भव’ और ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ का संदेश
बीकानेर। आर्य समाज भवन में आयोजित चार दिवसीय वेद प्रचार एवं स्वामी श्रद्धानन्द बलिदान शताब्दी समारोह का समापन हुआ। समापन समारोह में आचार्य आर्य नरेश ने कहा कि वेद और शास्त्र ‘मनुर्भव’ तथा ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ का संदेश देते हैं। ये मानवता, सद्भाव और सर्वकल्याण की प्रेरणा प्रदान करते हैं। डॉ. निष्ठा वेदालंकार ने स्वामी श्रद्धानन्द के योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे दलितों के उद्धारक थे और उन्होंने समाज में समानता एवं जागरूकता के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए। इस अवसर पर दिनेश पथिक ने विभिन्न भजनों की प्रस्तुति देकर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। स्वामी सुखानंद के ब्रह्मत्व में यज्ञ आयोजित हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ आहुतियां अर्पित कीं। समारोह के दौरान महेश आर्य, भगवती प्रसाद सोनी एवं अन्य पदाधिकारियों ने अतिथियों को स्मृति चिह्न, ओम पट्टिका एवं शॉल भेंट कर अभिनंदन किया।
