

15 प्रतिमाओं की अंजन शलाका प्रतिष्ठा कल, गाजे बाजे से निकला वरघोड़ा
बीकानेर। खरतरगच्छाधिपति, आचार्यश्री श्री जिनमणिप्रभ सूरिश्वरजी महाराज, आदिठाणा व साध्वीवृंद के सान्निध्य में गंगाशहर के 177 वर्ष प्राचीन श्री सांवलिया पार्श्वनाथ जिनालय (गोल मंदिर में) चल रहे अंजन शलाका प्रतिष्ठा महोत्सव के तहत शनिवार को भव्य गाजे बाजे के साथ वरघोड़ा (रथ-शोभायात्रा) निकला। भगवान पार्श्वनाथ के दीक्षा विधान को सजीव लीला के रूप् में प्रस्तुत किया गया। प्रतिमाओं की अधिवासना व अंजन विधान हुआ । भगवान श्री पार्श्वनाथ मंदिर जीर्णोंद्धार ट्रस्ट के अध्यक्ष धनपत सिंह बांठिया ने बताया कि भव्य वरघोड़ा (रथ-शोभायात्रा) बांठिया चौक से रवाना होकर, आसानियों का चौक, गोलछा, नाहटा, रांगड़ी चौक, श्री चिंतामणि जैन मंदिर, बड़ा बाजार घूम चक्कर,, भांडाशाह जैन मंदिर , गोपेश्वर बस्ती होते हुए श्री सांवलिया पार्श्वनाथ भगवान के मंदिर में पहुंचा।
वरघोड़े में शामिल विभिन्न गच्छ व समुदाय के श्रावक-श्राविकाए श्रावक श्राविकाओं का शंख ध्वनि से तथा जगह -जगह पेयजल, शर्बत व राबड़िया से स्वागत सत्कार किया गया। इंदौर से आए मोहित शर्मा ने रास्ते में 25 से अधिक स्थानों पर चिताकर्षक रंगोली बनाकर वरघोड़े का स्वागत किया।
जिनालय में मूर्तियों की प्रतिष्ठा कल
महोत्सव के पांचवें दिन रविवार को मंगल मुहूर्त में परमात्मा की महा मंगलकारी 15 प्रतिमाओं के अंजन शलाका व प्रतिष्ठा होगी। इस मंदिर की 13 नूतन प्रतिमाओं के साथ देश प्रदेश के विभिन्न जिनालयों में स्थापना के लिए आई करीब 21 प्रतिमाओं की अंजन शलाका होंगी। इसी दिन खरतरगच्छाधिपति श्री जिनमणिप्रभ सागर सूरिश्वरजी का मांगलिक, शाही करबा और फले चुंदड़ी, दोपहर में अष्टोत्तरी शांति स्नात्र महापूजन होगा।
