

42 दवाओं की आपूर्ति पर प्रतिबंध फर्में नहीं ले सकेंगी टेंडर में भाग
जयपुर। राजस्थान मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन ने विभिन्न 42 दवाओं के सैम्पल अमानक पाए जाने पर कम्पनियों को इनकी आपूर्ति के लिए प्रतिबंधित किया है। जिन फर्मों के उत्पाद जाँच में अमानक पाए गए हैं, ये कंपनियां इन दवाओं के आगामी एक, दो अथवा तीन वर्ष तक टेंडर में भाग नहीं ले सकेंगी। आरएमएससी की प्रबंध निदेशक श्रीमती नेहा गिरि ने बताया कि दवाओं की गुणवत्ता एवं समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि फर्मों के उत्पाद जाँच में फेल पाए जाने पर दवाओं की आपूर्ति के लिए 32 फर्मों को एक वर्ष, 8 फर्मों को 2 वर्ष एवं 2 फर्मों को 3 वर्ष की अवधि के लिए प्रतिबंधित किया गया है।
उल्लेखनीय है कि निगम की गुणवत्ता नीति के अनुसार प्रत्येक आपूर्तित दवा के प्रत्येक बैच की गुणवत्ता जाँच निगम की अनुमोदित लैब में कराई जाती है एवं जाँच में खरा पाए जाने पर ही अस्पतालों में वितरण हेतु सप्लाई की जाती हैं। ये सभी दवाएं निगम की प्रारम्भिक जाँच में अमानक पायी गयी थी, जिनके आगे जाँच में पुष्टि होने पर सम्बंधित सप्लायर कंपनियों के विरुद्ध यह कार्रवाई की गयी है।
श्रीमती गिरि ने बताया कि दवाओं के सैम्पल अमानक पाए जाने पर फर्म एग्रोन रेमेडीज प्राइवेट लिमिटेड की क्लोपिडोग्रेल और एस्पिरिन टेबल्स, क्लोपिडोग्रेल-75 एमजी व एस्पिरिन 75 एमजी, टोब्रामाइसिन और डेक्सामेथासोन ऑप्थाल्मिक सस्पेंशन यूएसपी 0.3 प्रतिशत $0.1 प्रतिशत, क्लोरैम्फेनिकॉल आई ड्रॉप्स आईपी 0.5.0/0, सेफुरॉक्साइम एक्सेटिल टैब आईपी-250 एमजी मेट्रोनिडाजोल टैबलेट आईपी-200 एमजी (फिल्म कोटेड) फर्म एलायंस बायोटेक की टैब मेटफॉर्मिन हेल (सस्टेन्ड रिलीज- 500 एमजी ग्लिमेपिराइड 1एमजी, एएनजी लाइफ साइंसेज इंडिया लिमिटेड की डोबुटामाइन इंजेक्शन आईपी-50 एमजी/एमएल/250 एमजी (वायल), फर्म एप्पल फार्मूलेशन प्राइवेट लिमिटेड की केल्सियम एण्ड विटामिन डी-3 सस्पेंशन, अस्टम हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड की सेफिक्साइम टैब आईपी-100 मिलीग्राम/सेफिक्साइम डिस्पर्सिबल टैब आईपी 100 मिलीग्राम को प्रतिबंधित किया गया है।
